NEET 2025 में फेस बायोमेट्रिक ट्रायल सफल, 2026 से NEET-JEE में लाइव फोटो होगी जरूरी; जानिए पूरा मामला
अब यह तकनीक वर्ष 2026 से NEET JEE और अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं में लागू की जाएगी. इसका मकसद परीक्षा में होने वाले फर्जीवाड़े और डमी कैंडिडेट की समस्या को पूरी तरह खत्म करना है.
फेस बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन एक आधुनिक पहचान प्रणाली है जिसमें उम्मीदवार के चेहरे की पहचान डिजिटल तकनीक से की जाती है. इस सिस्टम में उम्मीदवार की आंख नाक जबड़ा और चेहरे की बनावट को स्कैन कर पहले से मौजूद रिकॉर्ड से मिलान किया जाता है. यह प्रक्रिया पूरी तरह रियल टाइम होती है जिससे पहचान में किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना नहीं रहती.
NEET 2025 परीक्षा के दौरान कुछ चयनित परीक्षा केंद्रों पर फेस बायोमेट्रिक सिस्टम का ट्रायल किया गया परीक्षा से पहले और केंद्र में प्रवेश के समय उम्मीदवारों की लाइव फोटो ली गई. जिसे तुरंत सिस्टम में मौजूद डेटा से मिलाया गया इस दौरान तकनीक ने सही ढंग से काम किया और पहचान से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा गया इसी वजह से NTA ने इसे आगे लागू करने का फैसला लिया.
वर्ष 2026 से प्रवेश परीक्षाओं में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे. ऑनलाइन आवेदन के समय उम्मीदवार को लाइव फोटो देनी होगी. परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से पहले फेस बायोमेट्रिक मिलान किया जाएगा. वेबकैम या मोबाइल कैमरे से रियल टाइम फोटो ली जाएगी. फोटो मैच न होने पर परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
अब कोई भी छात्र किसी दूसरे व्यक्ति को अपनी जगह परीक्षा में नहीं बैठा सकेगा फेस बायोमेट्रिक सिस्टम रियल टाइम में चेहरे का मिलान करता है. जिससे फर्जी उम्मीदवार की पहचान तुरंत हो जाएगी इससे डमी कैंडिडेट की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी और परीक्षा की निष्पक्षता बनी रहेगी.
छात्रों को आवेदन और परीक्षा दोनों समय सावधानी बरतनी होगी. फोटो बिना फिल्टर और बिना एडिट की होनी चाहिए. परीक्षा के दिन चेहरे पर किसी तरह का कवर नहीं होना चाहिए. कैमरे के सामने सही रोशनी में फोटो देनी होगी. आधार से जुड़ी जानकारी सही और अपडेट होनी चाहिए.