कंप्यूटर Mouse के नीचे हमेशा लाल लाइट ही क्यों जलती है? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

आधुनिक दुनिया में आज ज्यादातर लोगों के पास लैपटॉप मौजूद है. लेकिन लैपटॉप से पहले घरों में डेस्कटॉप देखने को मिलते थे. अब बता दें कि डेस्कटॉप के साथ कीबोर्ड और माउस का इस्तेमाल होता है था जिससे काम करने में आसानी हो सके. लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर माउस में नीचे लाल लाइट ही क्यों जलती रहती है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऑप्टिकल माउस के अंदर एक LED और एक छोटा इमेज सेंसर लगा होता है. लाल LED सर्फेस पर रोशनी डालती है और सेंसर उस सर्फेस की हजारों फोटो हर सेकंड कैप्चर करता है. इन फोटोज की तुलना करके माउस ये समझता है कि वह किस दिशा में और कितनी दूरी तक हिला है. इसी जानकारी के आधार पर कंप्यूटर स्क्रीन पर कर्सर आगे-पीछे या दाएं-बाएं चलता है.
इसके अलावा बता दें कि माउस में लाल LED का इस्तेमाल कई वजहों से किया जाता है. सबसे बड़ी वजह ये है कि लाल LED सस्ती होती है, कम बिजली खर्च करती है और लंबे समय तक बिना किसी परेशानी के काम करती है.
इसके अलावा लाल रोशनी ज्यादातर नॉर्मल सर्फेस पर अच्छी तरह से फैलती है जिससे सेंसर को सर्फेस के छोटे-छोटे पैटर्न पहचानने में आसानी होती है. यही कारण है कि सालों से ऑप्टिकल माउस में लाल LED का इस्तेमाल किया जाता रहा है.
जानकारी के मुताबिक, आज बाजार में कई एडवांस लेजर और ब्लू LED माउस भी उपलब्ध हैं. लेजर माउस में लाल LED की जगह लेजर का इस्तेमाल होता है जबकि कुछ प्रीमियम मॉडल नीली या दूसरी रंग की LED का इस्तेमाल करते हैं. ये माउस कांच जैसी चिकनी या चमकदार सर्फेस पर भी बेहतर ट्रैकिंग देने में सक्षम होते हैं. हालांकि, नॉर्मल ऑफिस और घर के इस्तेमाल के लिए लाल LED वाले ऑप्टिकल माउस आज भी सबसे फेमश ऑप्शन के रूप में देखे जाते हैं.
इसके अलावा कई लोगों का मानना है कि लाल लाइट से लोगों की आखों पर खराब असर होता है. दरअसल, ऐसा बिलकुल नहीं है, नॉर्मल परिस्थितियों में ऑप्टिकल माउस की लाल LED से आपकी आखों को कोई खास खतरा नहीं होता है. इसकी रोशनी बहुत कम ताकत वाली होती है और केवल सर्फेस को स्कैन करने के लिए बनाई जाती है. फिर भी, किसी भी तेज रोशनी की तरह इसे लंबे समय तक सीधे देखने से कुछ अजीब सा जरूर लग सकता है.