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(Source: ECI/ABP News)
क्या आप जानते हैं AC में कौन सी गैस होती है और किस तकनीक पर काम करता है एसी?

गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर (AC) हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि AC आखिर किस तकनीक पर काम करता है और इसमें कौन सी गैस होती है जो ठंडक देती है? चलिए जानते हैं इस रोचक तकनीक के पीछे की विज्ञान को आसान भाषा में.
AC में मुख्य रूप से रेफ्रिजरेंट गैस (Refrigerant Gas) का इस्तेमाल होता है. यह एक विशेष प्रकार की गैस होती है जो बहुत कम तापमान पर भी जल्दी से वाष्पित हो जाती है और ठंडक देती है. पहले के समय में AC में R-22 गैस का उपयोग होता था, जिसे फ्रेयॉन भी कहा जाता था. लेकिन यह गैस पर्यावरण के लिए हानिकारक थी क्योंकि यह ओज़ोन परत को नुकसान पहुंचाती थी.
अब अधिकतर AC में R-32 और R-410A जैसी गैसों का प्रयोग किया जाता है जो ज्यादा ऊर्जा दक्ष होती हैं और पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाती हैं. इनमें R-32 गैस सबसे ज्यादा उपयोग में लाई जा रही है क्योंकि यह कम ग्लोबल वार्मिंग पोटेंशियल (GWP) वाली गैस है और इसकी कूलिंग एफिशिएंसी भी बेहतर होती है.
AC वाष्प संपीड़न चक्र (Vapor Compression Cycle) नाम की तकनीक पर काम करता है. इस तकनीक में चार मुख्य घटक होते हैं — कंप्रेसर, कंडेंसर, एक्सपेंशन वाल्व और एवैपोरेटर.
कंप्रेसर गैस को संपीड़ित (compress) करता है जिससे उसका तापमान और दबाव बढ़ जाता है. कंडेंसर गर्म गैस को ठंडी करके उसे तरल में बदलता है. एक्सपेंशन वाल्व उच्च दबाव वाली तरल गैस को कम दबाव में बदलता है. एवैपोरेटर गैस दोबारा वाष्पित होती है और अपने आसपास की गर्मी को सोखकर ठंडक देती है.
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान गैस लगातार तरल और गैस के रूप में बदलती रहती है और यही चक्र बार-बार दोहराया जाता है जिससे आपके कमरे में ठंडी हवा आती है. AC की ठंडक सिर्फ एक बटन दबाने से मिलती है लेकिन इसके पीछे एक जटिल तकनीकी प्रक्रिया और विशेष गैस का बड़ा योगदान होता है.