In Pics: लाल किला और यमुना की दोस्ती है पुरानी, तस्वीरों में देखिए कैसे अपने दोस्त से मिलने आई नदी
दिल्ली में यमुना कभी उस जगह पर बहती थी जहां से आज उसका कोई नाता नहीं. पर इस बार की बाढ़ में यमुना दोबारा अपने दोस्त से मिलने पहुंच गई है.
19वीं सदी की मुगल पेंटिंग में यमुना को लाल किले और सलीमगढ़ किले के बीच में बहता देखा जा सकता है.
आज के युग में केवल प्रदुषण के लिए खबरों में रहने वाली यमुना एक समय में लाल किले की रौनक थी.
लेकिन नए भारत में इस नदी ने अपने रास्ते बदल लिए हैं, ये लाल किले से काफी दूर हो चुकी है.
विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत की नदियां एलुवियल प्लेन्स के भी वजह से अपने रास्ते बदलती रहती है, ये आम बात है.
ये नदियां उत्तर की ओर बढ़ रही हैं जिसकी वजह से हिमालय बढ़ रहा है. जो ग्लोबल वॉर्मिंग का बहुत बड़ा संकेत है.
भारत की सबसे बड़ी नदी गंगा ने भी कई जगहों पर अपने रास्ते बदले है, एक समय में जहां वो बहती थी वहां आज घाटें तो है पर गंगा मौजूद नहीं है.
बढ़ती आबादी, भारत के टेक्टोनिक प्लेटों का हिलना ये सारी वजहें भी नदीयों के सिमटने का मुख्य कारण है.
यहीं नदियां जब उफान पर होती हैं तो अपना रौद्र रुप धारण करती हैं और रास्ते में आने वाली हर चीज को डूबा देती हैं. इस बार यमुना ने कुछ ऐसा ही किया.