Jyeshta Amavasya 2023: आज है अमावस्या की रात काली, भूल से न करें ये 5 काम, भुगतने पड़ेंगे अशुभ परिणाम

ज्येष्ठ अमावस्या 2023
शास्त्रों के अनुसार अमावस्या की रात तंत्र साधना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है. इस दिन असुरी शक्तियां सक्रिय रहती है. ऐसे में कमजोर इच्छाशक्ति वालों को इस दिन श्मशान के आसपास भी नहीं भटकना चाहिए, इससे मानसिक परेशानियां झेलनी पड़ सकती है.
ज्योतिष में चन्द्र को मन का कारक माना गया है और अमावस्या के दिन चन्द्रमा दिखाई नहीं देता. ऐसे में जो लोग अति भावुक होते हैं, उन पर इस बात का सर्वाधिक प्रभाव पड़ता है. इस दिन मन में किसी के लिए बुरे विचार न लाएं, क्योंकि निशाचरी शक्तियां ऐसे लोगों को प्रभावित करती हैं. वह सही गलत में फर्क करने में असमर्थ हो जाते हैं और नुकसान कर बैठते हैं. इसके लिए हनुमान जी के मंत्रों का जाप करें. इससे मन भटकेगा नहीं.
अमावस्या तिथि के स्वामी पितृदेव हैं. इस दिन परिवार को पितरों के लिए समर्पित रहना चाहिए. पति-पत्नी को शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए, मान्यता है इससे कुल में दिक्कतें आ सकती है, वंश वृद्धि के संबंधित परेशानियों से गुजरना पड़ता है.
इस दिन मांस-मदिरा और नशीली चीजों का सेवन बिल्कुल न करें. ऐसा करने से पितृदोष लगता है. पितृ दोष के कारण संतान प्राप्ति, धन, और नौकरी में संकट आने लगता है. वैवाहिक जीवन उथल-पुथल होने लगता है.
ज्येष्ठ अमावस्या पर शनि देव का जन्मोत्सव मनाया जाता है, ऐसे में किसी भी तरह से गरीबों, असहाय, मजदूर वर्ग को परेशान न करें. इससे शनि का प्रकोप झेलना पड़ेगा.
अमावस्या के दिन सुबह देर तर न सोए, घर में वाद-विवाद न करें इससे पूर्वजों की आत्मा को तकलीफ पहुंचती है. नाखुन न काटें, बाल न धोएं