होलाष्टक में भूलकर भी न करें ये 4 काम! कथावाचक से जानें शुभ-अशुभ समय और बचाव के उपाय?
24 फरवरी से होलाष्टक शुरू होने जा रहा है, जो होली से 8 दिन पहले शुरू हो जाते हैं. कथावाचक डॉ. शिवम साधक महाराज के मुताबिक, यह समय शुभ या मांगलिक कार्यों को करने के लिए सही नहीं माना जाता है. इस अवधि में ऊर्जा का संतुलन बिगड़ने के कारण महत्वपूर्ण फैसले लेने से बचना चाहिए.
डॉ. शिवम साधक महाराज के अनुसार होलाष्टक के दौरान सबसे पहले शादी-विवाह से जुड़े कार्यों को करने से बचना चाहिए. यदि किसी परिवार में बेटे या बेटी की विवाह से जुड़ी तैयारियां चल रही हो, तो इस समय न तो लड़की देखने जाए और न ही लड़का देखने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए. मान्यताओं के मुताबिक इस अवधि में किया गया नया रिश्ता अपेक्षित स्थिरता नहीं दे पता, इस वजह से धैर्य रखना ही बेहतर विकल्प है.
इसके अलावा नए वाहन खरीदने से भी परहेज करने से बचना चाहिए. वाहन खरीदना एक बड़ा आर्थिक फैसला होता है, और धार्मिक नजरिए से होलाष्टक में ऐसे निवेश को टालना शुभ माना गया है. इस तरह नया घर खरीदना या मकान से जुड़ा कोई बड़ा सौदा करना भी इस समय सही नहीं समझा जाता है.
कथावाचक शिवम साधक महाराज से यह भी स्पष्ट करते हैं कि, घर के निर्माण कार्य को होलाष्टक के दौरान शुरू करने से बचना चाहिए. यदि निर्माण पहले चल रहा है तो उसे इस दौरान रोक देना चाहिए. माना जाता है कि, इस समय शुरू किया गया कार्य सही नहीं माना जाता है.
कुल मिलाकर होलाष्टक एक ऐसा समय है जब लोगों को संयम, साधना और आध्यात्मिक कार्यों पर जोर देना चाहिए. बड़े फैसले और मांगलिक कार्यों को कुछ वक्त के लिए स्थागित करना ही परंपरागत नजरिए से उचित माना गया है.