Eid al-Fitr 2026: ईद-उल-फितर से जुड़े 10 ऐसे तथ्य जो शायद आपने कभी सुने ही नहीं होंगे!

ईद उल फ़ितर 2026
ईद-उल-फितर, जिसे रोजा तोड़ने का पर्व भी कहा जाता है, दुनियाभर में मनाया जाने वाला एक विशेष मुस्लिम त्योहार है. यह दिन रमजान के पवित्र महीने के समापन का प्रतीक है. ईद-उल-फितर पर मुस्लिम लोग अपने परिवार और दोस्तों से मिलते हैं, उपहार अदान-प्रदान करते हैं, और खास दावतों का आनंद लेते हैं.
मुसलमान रमजान के पाक महीने के उपवास के बाद ईद-उल-फितर मनाते हैं. रमजान के दौरान मुस्लिम सुबह से शाम तक कुछ भी खाते-पीते नहीं हैं. इस महीने के अंत में ईद-उल-फितर का उत्सव मनाया जाता है.
ईद की तारीख आमतौर पर उस महीने की 29 तारीख को घोषित की जाती है, जिस दिन चांद दिखाई देता है. हालांकि अगर चांद दिखाई न दे तो ईद अगले दिन मनाई जाती है.
ईद-उल-फितर का त्योहार 3 दिनों तक चलता है. इन तीन दिनों में मुसलमान अपने परिवार से मिलने जाते हैं, खास भोजन करते हैं और बच्चों को उपहार और पैसे देंगे.
ईद का अनुवाद त्योहार या उत्सव के रूप में किया जा सकता है. इसे यह नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि यह रमजान के उपवास के अंत का प्रतीक है, जिसमें भोजन और उत्सव मनाए जाते हैं.
अन्य धार्मिक उत्सवों की ही तरह ईद की भी अपनी परंपराएं होती हैं. इनमें खजूर खाना, मस्जिद में नमाज पढ़ना शामिल है. मस्जिद में नमाज पढ़ने के बाद घर लौटने का एक अलग रास्ता अपनाने की परंपरा शामिल है.
एक रिपोर्ट के अनुसार हर साल 1.8 अरब से ज्यादा मुसलमान ईद मनाते हैं, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक त्योहारों में से एक बन जाता है.
ईद उल-फितर को ईद अल-फितर भी कहा जाता है. लेकिन अलग-अलग भाषाओं में इसे अलग नाम से जाना जाता है. अजरबैजान में इसे रमजान बैरामी, इंडोनेशिया में लेबरान, सेनेगल में कोरिते और मलेशिया में हरि राया पुआसा कहा जाता है.
ईद साल में दो बार मनाई जाती है. पहली ईद उल-फितर और दूसरी ईद ईद उल-अधा है, जो मक्का की मुस्लिम तीर्थयात्रा के अंत में मनाई जाती है.
कुरान में लिखा है कि, मुहम्मद को रमजान के दौरान पहली वही प्राप्त हुई. वही मिलने के बाद जब वे मक्का पहुंचे, तो लोगों ने दावत मनाकर जश्न मनाया, जो ईद-उल-फितर के रूप में मनाया जाने लगा.
ईद के दौरान लोग एक-दूसरे को ईद मुबारक कहकर बधाई देते हैं. ईद मुबारक का मतलब है कि शुभ ईद.