पेट में कभी नहीं बनेगा एसिड, बाबा रामदेव ने बताया किस योगासन से मिलेगा फायदा
मंडूकासन में मेंढक की मुद्रा में योग करना होता है, जो एसिडिटी की समस्या से राहत दिलाने में मदद करता है. यह आसन पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है, जिससे पेट फूलना, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं कम होती हैं. मंडूकासन पेट की मांसपेशियों पर दबाव डालकर पाचन क्रिया को तेज करता है और पैनक्रियाज को एक्टिव करता है, जिससे इंसुलिन का प्रॉडक्शन बढ़ता है.
शशकासन को खरगोश मुद्रा भी कहा जाता है. यह भी गैस और पेट फूलने की समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकता है. यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाने और तनाव को कम करने में मदद करता है.
वज्रासन को डायमंड पोज भी कहा जाता है. एक ऐसा योगासन है, जो पाचन में सुधार करने और पेट की समस्याओं को कम करने में मदद करता है. इसे भोजन के बाद 10-15 मिनट तक करने से पाचन तंत्र को दुरुस्त किया जा सकता है.
योग मुद्रासन पाचन में सुधार और कब्ज से राहत पाने के लिए प्रभावी तरीका है. यह पाचन अंगों में लचीलापन बढ़ाता है और तनाव से राहत देता है. इसके नियमित अभ्यास से पाचन क्रिया बेहतर होती है और कब्ज से राहत मिलती है.
पवनमुक्तासन पाचन में सुधार करने के लिए सबसे अच्छा योग है. यह पेट में जमा गैस को निकालने में मदद करता है, जिसे पाचन क्रिया बेहतर होती है.