हर किसी को दीवाना बना चुका टाको सेहत के लिए कितना खतरनाक? बच्चों की ग्रोथ पर भी खतरा
टाकोज एक मैक्सिकन डिश है, लेकिन इस डिश के दीवाने अब दुनियाभर में माैजूद हैं. ये वेज और नाॅनवेज दोनों तरीके से बनाया जा सकता है. अगर आसान भाषा में इस डिश को समझें तो यह एक रोटी जैसा होता है, जिसे टाको में टाॅर्टिला कहते हैं . इसी रोटी पर अपनी पसंद के अनुसार वेजिटेबिल्स और फ्रूट्स की फिलिंग की जाती है. साथ ही, कई तरह के मसाले, सॉस, क्रीम या चीज आदि की टॉपिंग की जाती है.
टाको वेज और नाॅन वेज, दोनों कैटेगिरी में हो सकते हैं. टाको में कई तरह के इंग्रीडिएंट का इस्तेमाल किया जा सकता है. वेजिटेबिल से लेकर फ्रूट्स तक में च्वाॅइस के अनुसार बदलाव किया जा सकता है.
टाको के इंग्रीडिएंट इसे हेल्दी काॅम्बिनेशन देते हैं, जिसे सेहत के लिए अच्छा माना जा सकता है. इसमें फ्रूट और वेजिटेबिल्स होते हैं, जो विटामिन, मिनरल्स, फाइबर, पाॅलीफेनोल्स और एंटीऑक्सिडेंट के सोर्स होते हैं. शरीर को भी इनकी जरूरत होती है.
वहीं, नाॅन वेज में टाको में यूज होने वाले बीफ, चिकन, फिश से हाई प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड बाॅडी को मिलता है. टाको को बनाने के लिए टाॅर्टिला मेन होता है. ये भी निक्सटमलाइज कॉर्न से तैयार होता है, जिसमें पाया जाने वाला नियासिन सेहत के लिए फायदेमंद होता है.
एक स्टडी के अनुसार छह पाॅपुलर फूड चेन से जब टाको मंगाया गया तो इसमें 80 परसेंट सैंपल में प्लास्टिक केमिकल फेथेलेट्स मिले. ये केमिकल ह्यूमन बाॅडी के लिए काफी खतरनाक है.
इसके बाॅडी में पहुंचने से न सिर्फ हार्मोनल फंक्शन प्रभावित हो सकता है, बल्कि ये फर्टिलिटी प्राॅब्लम के साथ बच्चों के डेवलपमेंट पर भी असर डाल सकता है. ऐसे में बाजार से टाको लेकर खाना शरीर को रिस्क में डाल सकता है.
अगर टाको को घर पर ही तैयार किया तो इस तरह के नुकसान से बचा जा सकता है, क्योंकि बाजार में टाको के इंग्रीडिएंट या अन्य फूड प्लास्टिक के अधिक संपर्क में रहते हैं. घर पर तैयार टाको फ्रेश होता है. इसमें एवोकाडो, मैंगो, ब्लैक ओलिव्स आदि का इस्तेमाल इसे ज्यादा हेल्दी बना सकते हैं.