लॉन्ग ड्राइव की आदत कहीं आपको बना न दे नामर्द, जानें कैसे फर्टिलिटी पर होता है असर
लॉन्ग ड्राइव का खराब असर महिलाओं पर भी काफी ज्यादा पड़ता है. स्टडी के मुताबिक, लॉन्ग ड्राइव करने वाली महिलाओं में स्ट्रेस हार्मोन (कोर्टिसोल) का लेवल बढ़ जाता है, जिससे ओव्यूलेशन की प्रक्रिया प्रभावित होती है. साथ ही, अनियमित मासिक धर्म और प्रजनन क्षमता में भी कमी देखी गई. रिसर्चर्स ने बताया कि ड्राइविंग के दौरान शरीर एक ही स्थिति में रहता है. वहीं, ड्राइविंग के दौरान होने वाले वाइब्रेशन और प्रदूषण से दिक्कत बढ़ जाती है.
गार्जियन में 2019 के प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया कि वाहनों से निकलने वाले जहरीले धुएं (कार फ्यूम्स) के लगातार संपर्क में रहने से पुरुषों में नपुंसकता का खतरा बढ़ता है. वहीं, लॉन्ग ड्राइव करने से टेस्टिकल्स (अंडकोष) का तापमान बढ़ता है, क्योंकि ड्राइवर सीट पर लगातार बैठे रहते हैं और वेंटिलेशन की कमी होती है. सामान्य से ज्यादा तापमान स्पर्म प्रोडक्शन को प्रभावित करता है, जिससे स्पर्म काउंट और क्वालिटी में कमी आती है.
इसके अलावा ड्राइविंग के दौरान गाड़ी की सीट से होने वाला वाइब्रेशन भी टेस्टिकुलर हेल्थ को नुकसान पहुंचाता है. स्टडी में यह भी पता लगा कि जो पुरुष रोजाना चार घंटे से ज्यादा ड्राइविंग करते हैं, उनमें टेस्टोस्टेरोन (पुरुष हार्मोन) का स्तर 10-12% तक कम हो सकता है. टेस्टोस्टेरोन की कमी न सिर्फ सेक्स ड्राइव को प्रभावित करती है, बल्कि स्पर्म प्रॉडक्शन और इरेक्टाइल फंक्शन पर भी असर डालती है.
लॉन्ग ड्राइव की वजह से महिलाओं में मुख्य रूप से स्ट्रेस की दिक्कत देखी गई. वहीं, हार्मोनल असंतुलन की परेशानी का भी पता लगा. स्टडी के मुताबिक, लंबे समय तक ड्राइविंग करने वाली महिलाओं में कोर्टिसोल लेवल 18% तक बढ़ा हुआ मिला. कोर्टिसोल एक स्ट्रेस हार्मोन है, जो ओव्यूलेशन को प्रभावित करता है. जब ओव्यूलेशन की प्रक्रिया बाधित होती है तो गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है.
ड्राइविंग के दौरान एक ही पोजीशन में बैठने के कारण महिलाओं के पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है. इससे ओवेरियन फंक्शन (अंडाशय की कार्यप्रणाली) पर असर पड़ता है और अनियमित मासिक धर्म की दिक्कत हो सकती है. स्टडी में यह भी बताया गया कि जो महिलाएं रोजाना 3 घंटे से ज्यादा ड्राइविंग करती हैं, उनमें प्रीमेनस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) के लक्षण 22 फीसदी ज्यादा देखे गए.