एनर्जी और फ्लेक्सिबिलिटी चाहिए? तो जानें डांस वाला सुपर फॉर्मूला जो बनाएगा आपको फैट से फिट
अगर आप फिट रहने के लिए जिम नहीं जा पा रहे हैं और जिम में घंटों पसीना नहीं बहा पा रहे हैं तो आप घर पर ही डांस को एक्सरसाइ रूटीन में शामिल कर सकते हैं. चलिए जानते हैं उसके फायदे.
कोर मसल्स होते हैं सुपर स्ट्रॉन्ग: अगर आप भी डेली डांस करते हैं, तो आपकी पेट, कमर और हिप्स की मसल्स यानी कोर मसल्स मजबूत होती हैं. ये मसल्स बैलेंस और पॉश्चर को सुधारती हैं और पीठ दर्द जैसी प्रॉब्लम से भी राहत देती हैं.
फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है डांस में हर मूवमेंट स्ट्रेचिंग जैसा काम करता है. इससे जोड़ों (joints) की जकड़न कम होती है और बॉडी पहले से ज्यादा लचीली (flexible) बनती है. यही वजह है कि फिल्म स्टार्स डांस को फिटनेस रूटीन में शामिल करते हैं.
हार्ट के लिए फुल एक्सरसाइज: तेज बीट्स पर थिरकना मतलब कार्डियो एक्सरसाइज (Cardio Exercise) करना है. इससे हार्ट बीट रेगुलर होती है, ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है और वजन भी कंट्रोल में रहता है. यानी डांस हार्ट को हेल्दी बनाता है.
मूड और माइंड का मेडिटेशन :डांस ना सिर्फ बॉडी को, बल्कि माइंड को भी रिलैक्स करता है. स्ट्रेस, एंग्जाइटी और डिप्रेशन जैसी परेशानियों से लड़ने में डांस एक नेचुरल थेरेपी की तरह काम करता है.
कैलोरीज कम करता है : एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक घंटे की डांस प्रैक्टिस में आप 300 से 500 तक कैलोरीज बर्न कर सकते हैं. इसमें ना जिम की बोरियत, ना रनिंग की थकान होती है, सिर्फ म्यूजिक चालू करना है और आपकी फिटनेस चालू हो जाएगी.