गर्मियों में बर्फ के पानी से नहाने के ये हैं नुकसान, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?
गर्मी में बर्फ वाले ठंडे पानी से नहाकर आप खुद को तरोताजा महसूस करते हैं. शरीर में ठंडक महसूस होती है. लेकिन ये हमेशा सुरक्षित नहीं होता. खासकर उस स्थिति में जब शरीर बहुत गर्म होता है. ऐसे में अचानक बहुत ठंडा पानी बाॅडी पर गिरने से एक थर्मल शाॅक महसूस हो सकता है.
ऐसा तब होता है जब शरीर का टेम्प्रेचर हाई होता है. वर्कआउट करने या फिर अधिक समय तक धूप में रहने से ये स्थिति बन सकती है. जब बहुत अधिक पसीना आ रहा हो तो उस स्थिति में बर्फ के ठंडे पानी से नहाने से बाॅडी का टेम्प्रेचर तेजी से गिरने लगता है. इससे दिल की धड़कन तेज हो सकती है. चक्कर महसूस हो सकते हैं. बेहोशी की स्थिति बन सकती है.
हेल्दी रहने के लिए बाॅडी में इम्युनिटी का स्ट्राॅन्ग होना जरूरी है. लेकिन बार-बार बहुत ठंडे पानी से नहाने से बाॅडी की इम्युनिटी पर इसका असर पड़ता है. ये कमजोर होने लगती है. इससे बाॅडी का इंफेक्शन की चपेट में आने का रिस्क पैदा हो जाता है. माैसम बदलने से शरीर कई तरह की संक्रामक बीमारी की चपेट में आ जाता है. ऐसे में इससे बचाव करना जरूरी है.
अधिक ठंडा पानी हड्डियों और मांसपेशियों को कठोर बना सकता है. इससे बाॅडी में जोड़ों में दर्द ओर ऐंठन की समस्या देखने को मिल सकती है.
दिल के मरीजों को ठंडे पानी से नहाने के दाैरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है. असल में ठंडे पानी से नहाने से ऐसे मरीजों में ब्लड प्रेशर प्रभावित हो सकता है. जो मरीजों के लिए मुसीबत बन सकता है.
बुजुर्ग और बच्चों का शरीर तापमान के बदलाव को जल्द नहीं संभाल पाता. ऐसे में बर्फ के ठंडे पानी से नहाने से इनको बचना चाहिए. क्योंकि इस दाैरान बाॅडी के टेम्प्रेचर में तेजी से बदलाव देखने को मिलता है.
सर्दी-ज़ुकाम या फ्लू है तो ठंडे पानी से नहीं नहाना चाहिए. ऐसा करने से दिक्कत अधिक बढ़ सकती है. गर्मियों में ठंडे पानी से नहाने पर ताजगी का अनुभव हो सकता है. लेकिन बहुत ज्यादा ठंडा पानी आपकी त्वचा को ठंडा कर सकता है, जिससे असुविधा हो सकती है.