दाएं हाथ से ही हाथ क्यों मिलाते हैं लोग, क्या है इसके पीछे की असली वजह?

जब भी लोग एक-दूसरे से हाथ मिलाते हैं, तो दाहिने हाथ का इस्तेमाल करते हैं. यह हमारी आदत बन चुकी है. दुनिया में लगभग 88 से 90 प्रतिशत लोग हाथ मिलाने के लिए अपना दाहिना हाथ ही आगे बढ़ाते हैं, जबकि पूरी दुनिया में केवल 8 से 10 प्रतिशत लोग ही हाथ मिलाने के लिए बाएं हाथ का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन ऐसा क्यों है कि हम लोग हैंडशेक के लिए दाहिने हाथ का ही इस्तेमाल करते हैं. आइए जानते हैं.
दाहिने हाथ से हैंडशेक करने का सबसे पहला कारण यह है कि कई धार्मिक मतों और संस्कृतियों में बाएं हाथ को अशुभ माना जाता है. परंपरागत रूप से शुभ काम दाहिने हाथ से ही किए जाते हैं.
हाथ मिलाने और अभिवादन करने के लिए दाहिने हाथ का इस्तेमाल इसलिए भी किया जाता है क्योंकि कई विशेषज्ञों का मानना है कि प्राचीन समय में लोग दाहिने हाथ से हथियार पकड़ते थे. जब लोग आपस में मिलते थे, तो दाहिना हाथ आगे बढ़ाने का मतलब होता था कि हाथ में कोई हथियार नहीं है और सामने वाले पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है.
सबसे बड़ी और मुख्य बात यह है कि हमें बचपन से ही सिखाया जाता है कि हाथ मिलाने या हाथों से अभिवादन करने के लिए दाहिने हाथ का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए.
प्राचीन रोम में जब लोग एक-दूसरे से मिलते थे, तो वे भरोसे के लिए एक-दूसरे की कलाई या भुजा पकड़ते थे. बाद में यही परंपरा बदलते-बदलते हैंडशेक के रूप में विकसित हो गई.
दाहिने हाथ से अभिवादन करने का एक बड़ा कारण यह भी है कि दुनिया में अधिकतर लोगों का प्रमुख हाथ दाहिना होता है, जिससे वे रोजमर्रा के काम करते हैं. इसलिए अभिवादन करते समय लोगों का अपने आप ही दाहिना हाथ आगे बढ़ जाता है.
दाहिने हाथ से हाथ मिलाना इस बात का संकेत माना जाता है कि आप दूसरे व्यक्ति पर भरोसा करते हैं और खुद भी भरोसेमंद हैं. हाथ मिलाने की मजबूती और पकड़ व्यक्ति के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को भी दर्शाती है.
जैसे-जैसे समय बीतता गया, हाथ मिलाना किसी का अभिवादन करने और उनसे मिलने का एक महत्वपूर्ण तरीका बन गया.