Whatsapp Founders: मार्क जुकरबर्ग से पहले कौन थे व्हाट्सऐप के मालिक, किस धर्म से है उनका वास्ता?
व्हाट्सऐप की स्थापना और मालिकाना हक जैन कौम और ब्रायन एक्टन के पास था. दोनों याहू में सीनियर इंजीनियर थे और व्हाट्सऐप के अस्तित्व में आने से काफी पहले 2007 में उन्होंने कंपनी छोड़ दी थी. 2014 तक व्हाट्सऐप के ऑपरेशंस और विजन पर उनका पूरा कंट्रोल था.
व्हाट्सएप के मुख्य फाउंडर जैन कौम यहूदी धर्म से हैं. उनका जन्म यूक्रेन के कीव में एक यहूदी परिवार में हुआ था. कौम 16 साल की उम्र में अपनी मां और दादी के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका चले गए और गरीबी में ही पले बढ़े.
इस बैकग्राउंड ने घुसपैठ करने वाले सिस्टम, विज्ञापन और डाटा की गलत इस्तेमाल के प्रति उनकी नापसंदगी को काफी प्रभावित किया.
व्हाट्सऐप की स्थापना से पहले 2009 में जैन कौम और ब्रेन एक्टन दोनों को फेसबुक और ट्विटर ने रिजेक्ट कर दिया था. इसके तुरंत बाद कौम के जन्मदिन पर व्हाट्सऐप को रजिस्टर किया गया. शुरुआत में यह एक सिंपल स्टेटस शेयरिंग ऐप के रूप में बनाया गया था.
फरवरी 2014 में फेसबुक ने व्हाट्सऐप को लगभग 19 बिलियन डॉलर में खरीद लिया. इस डील के बाद मलिकाना हक इसके इंडिपेंडेंस फाउंडर्स से मार्क जुकरबर्ग की कंपनी के पास चला गया.
व्हाट्सऐप बचने के बावजूद दोनों संस्थापकों ने बाद में फेसबुक छोड़ दिया. उनके जाने की वजह प्राइवेसी, डाटा शेयरिंग और फेसबुक द्वारा व्हाट्सएप को विज्ञापनों के जरिए पैसा कमाने के लिए दबाव डालना था.