बाथरूम का दरवाजा खुला छोड़ते हैं? वास्तु शास्त्र के अनुसार ये आपके लिए खतरनाक है!
वास्तु शास्त्र से अभिप्राय वास्तुकला और ऊर्जा संतुलन से जुड़ा एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है, जिसके अनुसार घर के प्रत्येक स्थानों की स्थिति और व्यवस्था का सीधा प्रभाव घर में रहने वाले लोगों पर पड़ता है. इनमें से सबसे जरूरी क्षेत्र स्नानघर है, क्योंकि यहां पर जल और ऊर्जा दोनों का प्रवाह निरंतर होता है. विशेषज्ञों का सुझाव है कि, स्नानघर का दरवाजा हमेशा बंद होना चाहिए क्योंकि खुले दरवाजे से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है.
बाथरूम का दरवाजा खुला रखने से पानी से जुड़ी ऊर्जा पूरे घर में फैल जाती है, जो वास्तु के नजरिए से आर्थिक स्थिरता को बिगाड़ने का काम करती है. इसके अलावा मन की शांति भंग होने के साथ परिवार के सदस्यों की सेहत पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम का दरवाजा बंद रखने से धन, रिश्तों और स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं से छुटकारा पाने में आसानी होती है. वहीं अगर आप बाथरूम का दरवाजा खुला रखते हैं तो सकारात्मक ऊर्जा नकारात्मक ऊर्जा के साथ मिल जाती है, जिससे घर का समग्र ऊर्जा स्तर काम हो जाता है.
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, स्नानघर का वो कोना जहां नमी, दुर्गंध और गंदगी जमा होती है, उसे हमेशा साफ रखना चाहिए. ऐसा न करने से इन कोनों में नकारात्मक और अशुद्ध ऊर्जाएं जमा हो जाती हैं, जो घर की शांति को भंग करने का काम करती है. यही वजह है कि, स्नानघर को आमतौर पर घर का सबसे नेगेटिव हिस्सा माना जाता है.
बाथरूम का दरवाजा खुला छोड़ने से धन से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है. इससे आर्थिक अस्थिरता और अनावश्यक खर्च होते हैं. मुख्य द्वार के सामने बाथरूम होने से इसका प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है.