देश के इस राज्य में जेल को कहां जाता है सुधार गृह, जानिए इसके पीछे की वजह
देश में किसी भी आरोपी को जब कोर्ट सजा सुनाती है, तो उसे जेल में सजा काटने के लिए भेजा जाता है. लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सभी जेलों का नाम सुधारगृह कर दिया है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जून 2023 में उत्तर प्रदेश की जेलों का नाम बदलकर 'सुधार गृह' किया था. वर्तमान समय में जेल में बंद कैदियों के संबंध में 1894 का जेल अधिनियम और 1900 का कैदी अधिनियम प्रभावी है.सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि 1894 के कारागार अधिनियम का उद्देश्य हिरासत में अपराधियों पर अनुशासन और नियंत्रण बनाए रखना है. लेकिन हमें सुधार और पुनर्वास पर ध्यान देने की आवश्यकता है.
बता दें कि अपने देश भारत में कुल 1300 से अधिक जेल हैं. हालांकि भारत सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन जेलों में बंद कैदियों की संख्या 4 लाख से अधिक है, जो कि इन जेल की क्षमताओं से अधिक है. भारत में कुल 145 केंद्रीय जेल मौजूद हैं. वहीं 415 जिला जेल, 565 उप-जेल, 88 ओपन जेल, 44 विशेष जेल, 29 महिला जेल, 19 बाल सुधार गृह अन्य जेल मौजूद हैं.
इसके अलावा भारत की सबसे बड़ी जेल तिहाड़ जेल है. इस जेल में कुल नौ केंद्रीय जेल मौजूद हैं, जहां 5200 कैदी एक साथ रह सकते हैं. दिल्ली की तिहाड़ जेल कुल 400 एकड़ के क्षेत्रफल में फैली हुई है, जो कि इसे सबसे बड़ी जेल मानी जाती है. बता दें कि इतने बड़े क्षेत्रफल के साथ यह सिर्फ भारत की नहीं बल्कि दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी जेल है.
तिहाड़ जेल सिर्फ एक जेल नहीं है,बल्कि एक सुधार गृह के रूप में कार्य कर रही है. इस कड़ी में यहां कैदियों द्वारा कुछ उत्पादों को तैयार किया जाता है, जिन्हें बाजारों में बेचा जाता है. इससे अपराधी अपराध की दुनिया को छोड़कर उद्यम की दुनिया में अपने कदम को बढ़ा सकते हैं.