दुनिया का सबसे भारी बम कौन-सा है? जानें किस देश की सेना करती है इस्तेमाल

जब भी दो देशों के बीच युद्ध होता है, तो अक्सर परमाणु बमों का जिक्र जरूर किया जाता है. भारत को मिलाकर कुल नौ देशों के पास परमाणु हथियार हैं. अमेरिका ने अगस्त 1945 में जापान के शहरों हिरोशिमा और नागासाकी पर एटम बम से हमला कर दिया था. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे भारी बम कौन सा है. चलिए इस बारे में विस्तार से जानें.
दुनिया का सबसे बड़ा बम जार बॉम्बा था. यह एक थर्मोन्यूक्लियर हवाई बम था, जिसे सोवियत संघ ने बनाया था और 1961 में इसका परीक्षण हुआ था.
जार बॉम्बा को एएन602 के रूप में भी जाना जाता है और यह अब तक का सबसे शक्तिशाली परमाणु हथियार था, जिसे बनाया और परीक्षण किया गया था. इसकी विस्फोट क्षमता 50 मेगाटन टीएनटी थी.
यह हिरोशिमा पर गिराए गए बन की तुलना में बहुत ज्यादा थी. यह बम इतना भारी था कि इसे विमान से पैराशूट के जरिए लटका कर ले जाया गया था.
इतना ही नहीं इसकी टेस्टिंग के लिए सोवियत लड़ाकू विमान तुपोलेव-95 की डिजाइन में बदलाव किया गया था. इसका परीक्षण रूस ने आज से करीब 60 साल पहले किया था.
यह बम इतना शक्तिशाली है कि पूरे के पूरे शहर को मिट्टी में मिला सकता है. इसका परीक्षण अब तक का सबसे शक्तिशाली मानव निर्मित विस्फोट था, जिसमें से हिरोशिमा पर गिराए गए बम की अपेक्षा 3300 गुना ज्यादा ऊर्जा उत्पन्न हुई थी.
जार बॉम्बा को बमों का राजा भी कहा जाता है. इस महाशक्तिशाली बन को सोवियत संघ के वैज्ञानिकों ने अमेरिका से मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया था. यह बम 26 फीट लंबा, 7 फीट चौड़ा और 27 टन वजन का था.
यह इतना बड़ा है कि किसी भी रूसी परमाणु बॉम्बर में फिट नहीं हो सकता है. जब इसका परीक्षण हुआ था तो विस्फोट स्थल से 1000 मील से ज्यादा दूर नॉर्वे और फिनलैंड में कई मकानों की खिड़कियां टूट गई थीं.