Free Tain: भारत की इस ट्रेन में नहीं लगता कोई किराया, जानें क्या है इस फ्री सेवा के पीछे वजह
यह मुफ्त ट्रेन सेवा 1948 में शुरू हुई थी. उस समय नया आजाद भारत बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दौड़ में था. यह रेलवे खास तौर से भाखड़ा नांगल बांध के निर्माण में मदद के लिए बनाया गया था. इसका इस्तेमाल बांध स्थल तक श्रमिकों, इंजीनियरों और भारी मशीनरी को ले जाने के लिए किया जाता था. जैसे ही निर्माण खत्म हुआ यह सेवा पहले ही जीवन रेखा बन चुकी थी.
बांध पूरा होने के बाद भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने जानबूझकर रेलवे सेवा को ठीक वैसे ही जारी रखने का फैसला किया और वह भी बिना किसी लागत के.
आज मुफ्त ट्रेन का बड़ा उद्देश्य भाखड़ा बांध के आसपास पर्यटन को बढ़ावा देना है. प्रबंधन यह चाहता है कि देश भर के लोग आसानी से इस ऐतिहासिक संरचना तक पहुंच सके और इसे देख सकें.
यह रेलवे बीबीएमबी कर्मचारी, स्कूल और कॉलेज के छात्रों और आसपास के गांव के निवासियों के लिए रोजाना एक बड़ी भूमिका निभाता है. कई स्थानीय लोगों के लिए तो यह ट्रेन नांगल और भाखड़ा के बीच परिवहन का एक मुख्य साधन है.
इंडियन रेलवे के उलट इस ट्रेन को टिकट राजस्व से वित्त पोषित नहीं किया जाता. इसका पूरा खर्च बीबीएमबी उठाता है. बोर्ड इसे रेवेन्यू कमाने वाली सर्विस के बजाय सड़कों या नहरों जैसी पब्लिक यूटिलिटी मानता है.
लगभग 13 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह ट्रेन अभी भी डीजल इंजन पर चलती है और लकड़ी के कोच का इस्तेमाल करती है.