Infrared Cooktop: एक घंटे चलाने पर कितनी बिजली खाता है इंफ्रारेड कुकटॉप, इंडक्शन से कितना किफायती?
एक सामान्य इंफ्रारेड कुकटॉप आमतौर पर 2000 वॉट पर चलता है. अगर यह 1 घंटे तक लगातार पूरी पावर पर चले तो लगभग दो यूनिट बिजली खर्च करता है.
इंडक्शन कुकटॉप आमतौर पर थोड़े ज्यादा ऊर्जा कुशल होते हैं. इसी तरह 2000 वॉट का इंडक्शन कुकटॉप जब ज्यादा पावर पर इस्तेमाल किया जाता है तो आमतौर पर प्रति घंटे लगभग 1.5 से 1.8 यूनिट बिजली खर्च करता है.
दोनों तकनीक के बीच सबसे बड़ा अंतर इस बात में है कि गर्मी कैसे पैदा होती है. इंडक्शन कुकटॉप लगभग 85% से 90% ऊर्जा कुशल होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि वे इलेक्ट्रोमैग्नेट ऊर्जा का इस्तेमाल करके बर्तनों को सीधे गर्म करते हैं. दूसरी तरफ इंफ्रारेड कुकटॉप की कार्य क्षमता लगभग 60% से 70% की होती है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें पहले कांच की सतह गर्म होती है और फिर वह गर्मी बर्तनों तक पहुंचती है.
अगर किसी इलाके में बिजली की कीमत लगभग ₹8 प्रति यूनिट है तो इसे चलाने की लागत का अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है. इंडक्शन कुकटॉप को 1 घंटे तक चलाने में लगभग ₹12 से ₹15 का खर्चा आ सकता है. इसी के साथ इंफ्रारेड कुकटॉप को चलाने में प्रति घंटे लगभग ₹15 से ₹16 का खर्चा सकता है.
थोड़ी ज्यादा बिजली खर्च करने के बावजूद इंफ्रारेड कुकटॉप का एक बड़ा फायदा यह है कि यह लगभग सभी तरह के बर्तनों के साथ काम करते हैं. इंफ्रारेड कुकटॉप पर स्टील,अल्युमिनियम, तांबे और मिट्टी के बर्तन भी इस्तेमाल किया जा सकते हैं. इंडक्शन कुकटॉप के लिए ऐसे बर्तनों की जरूरत होती है जिनका निचला हिस्सा खास तौर पर इंडक्शन के लिए ही बना हो.
इन दोनों में से किसी एक को चुनना घर की जरूरत पर निर्भर करता है. अगर ऊर्जा की बचत और बिजली का कम बिल आपका फॉक्स है तो आमतौर पर इंडक्शन कुकटॉप ही बेहतर विकल्प होगा. लेकिन अगर आप बर्तनों के इस्तेमाल में ज्यादा आजादी चाहते हैं तो रोजाना खाना पकाने के लिए इंफ्रारेड कुकटॉप सबसे सही है.