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ईरान-इजरायल जंग के बीच क्यों गिरने लगे चावल के दाम, जानें किन-किन देशों को चावल भेजता है भारत?

निधि पाल   |  08 Mar 2026 11:03 AM (IST)
ईरान-इजरायल जंग के बीच क्यों गिरने लगे चावल के दाम, जानें किन-किन देशों को चावल भेजता है भारत?

मिडिल ईस्ट में तल रहे तनाव ने भारत के कृषि निर्यात, विशेषकर बासमती चावल के कारोबार को हिलाकर रख दिया है. ईरान और इजरायल के बीच जारी सीधे संघर्ष के कारण दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अब असुरक्षित हो गया है. इस तनाव का सीधा असर भारत की थाली से लेकर विदेशी बाजारों तक पड़ रहा है. जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिपिंग लागत बढ़ने से सप्लाई चेन बाधित हुई है, वहीं दूसरी ओर निर्यात ठप होने के कारण घरेलू बाजार में प्रीमियम बासमती की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है.

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ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने मध्य पूर्व में व्यापारिक दहशत का माहौल पैदा कर दिया है. भारत के बासमती चावल निर्यात के लिए ईरान सबसे बड़ा बाजार रहा है, लेकिन युद्ध के कारण समुद्री रास्ते असुरक्षित होने से शिपमेंट लगभग ठप हो गया है.

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निर्यातकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती असुरक्षित मार्ग और बढ़ता हुआ बीमा खर्च है. समुद्री बीमा और माल ढुलाई की लागत दोगुनी से भी अधिक हो गई है, जिससे नए ऑर्डर लेना फिलहाल जोखिम भरा हो गया है.

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बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निर्यात बाधित होने के कारण भारत के भीतर बासमती चावल का स्टॉक बढ़ने लगा है. जब निर्यात का माल देश के भीतर ही रुक जाता है, तो आपूर्ति अधिक होने से कीमतें गिर जाती हैं.

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पिछले मात्र 72 घंटों के भीतर प्रीमियम बासमती की विभिन्न किस्मों (जैसे 1509 और 1121) की कीमतों में 7 से 10 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई है. यह स्थिति किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए चुनौतीपूर्ण है क्योंकि वे अब अपना माल कम दामों पर बेचने को मजबूर हैं.

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इस वैश्विक अस्थिरता का असर शेयर बाजार पर भी पड़ा है. चावल व्यापार से जुड़ी बड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया. हालांकि, शुरुआती झटकों के बाद LT Foods Ltd के शेयरों में 9.5 प्रतिशत की रिकवरी देखी गई.

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KRBL Ltd जैसे अन्य प्रमुख प्लेयर्स के शेयरों में भी पहले 3.3 प्रतिशत का उछाल आया, लेकिन बाद में अस्थिरता के चलते गिरावट दर्ज की गई. फिलहाल चावल कारोबार से जुड़ी कंपनियों के निवेशक युद्ध की दिशा पर नजर बनाए हुए हैं.

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भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है और 100 से अधिक देशों को चावल भेजता है. 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने कुल 163.58 लाख टन चावल निर्यात किया, जो हमारे घरेलू उत्पादन का लगभग 12% है.

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बासमती के प्रमुख खरीदार सऊदी अरब, ईरान, इराक, यूएई, यमन, ओमान और कतर हैं. ये सात देश अकेले भारत के कुल बासमती निर्यात का लगभग 78% हिस्सा खरीदते हैं. इसमें भी सऊदी अरब और इराक की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है.

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गैर-बासमती चावल के लिए अफ्रीकी और एशियाई देश भारत पर निर्भर हैं. इनमें बेनिन, वियतनाम, गिनी, टोगो, कोटे डी आइवर, सेनेगल और नेपाल प्रमुख हैं. भारत अब अपनी पहुंच बढ़ाते हुए अफ्रीकी बाजारों में नई पैठ बना रहा है, जिससे शीर्ष 10 देशों की निर्भरता कम होकर बाजार का विस्तार हो रहा है.

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