केबिन या चेक-इन बैग, फ्लाइट में कहां और कितनी रख सकते हैं शराब? जानें DGCA के नियम

एयरपोर्ट पर चेक-इन काउंटर से लेकर सिक्योरिटी गेट तक अक्सर एक सवाल यात्रियों को परेशान करता है कि क्या बैग में रखी शराब परेशानी बन जाएगी? सोशल मीडिया पर आधी-अधूरी जानकारी के बीच कई लोग या तो जरूरत से ज्यादा सतर्क हो जाते हैं या फिर नियम तोड़ बैठते हैं. खासकर त्योहारों और छुट्टियों के मौसम में यह कन्फ्यूजन और बढ़ जाता है. लेकिन DGCA के नियम बिल्कुल साफ हैं, बस उन्हें सही तरीके से समझना जरूरी है.
भारत में हवाई यात्रा के दौरान शराब ले जाने को लेकर भ्रम इसलिए पैदा होता है क्योंकि लोग केबिन बैग और चेक-इन बैग के नियमों को एक ही मान लेते हैं. कई यात्रियों को लगता है कि शराब पूरी तरह प्रतिबंधित है, जबकि हकीकत यह है कि सही मात्रा और सही पैकिंग के साथ शराब ले जाना पूरी तरह वैध है.
DGCA ने सुरक्षा और सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए इसके स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए हैं. अगर बात केबिन बैग यानी हैंड बैगेज की करें, तो यहां नियम सबसे सख्त हैं. भारत में किसी भी यात्री को अपने साथ 100 मिलीलीटर से ज्यादा शराब केबिन बैग में ले जाने की अनुमति नहीं है.
यह वही नियम है जो अन्य तरल पदार्थों पर भी लागू होता है. इसके अलावा शराब को पारदर्शी और रिसाव-रहित कंटेनर में रखना अनिवार्य होता है. इससे ज्यादा मात्रा मिलने पर सिक्योरिटी चेक के दौरान बोतल जब्त की जा सकती है.
असल राहत चेक-इन बैग में मिलती है. DGCA के अनुसार, घरेलू हवाई यात्रा के दौरान यात्री अपने चेक-इन लगेज में अधिकतम 5 लीटर शराब ले जा सकते हैं. यह मात्रा अलग-अलग बोतलों में हो सकती है, जैसे एक लीटर की पांच बोतलें.
व्हिस्की, रम, वोडका या जिन- किसी भी तरह की शराब इस सीमा में स्वीकार्य है, बशर्ते अन्य नियम पूरे किए जाएं. शराब ले जाते समय केवल मात्रा ही नहीं, उसमें मौजूद अल्कोहल प्रतिशत भी अहम है.
नियम के मुताबिक किसी भी बोतल में अल्कोहल की मात्रा 70 प्रतिशत ABV से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा बैग का कुल वजन एयरलाइन की तय सीमा के भीतर होना जरूरी है. अगर वजन अधिक हुआ, तो अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है, भले ही शराब नियमों के दायरे में ही क्यों न हो.
DGCA और एयरलाइंस दोनों ही सीलपैक बोतलों को प्राथमिकता देते हैं. शराब की बोतलें लीक-प्रूफ होनी चाहिए ताकि उड़ान के दौरान किसी तरह का रिसाव न हो. बेहतर है कि बोतलें उनकी ओरिजनल पैकिंग में हों. अगर ऐसा संभव न हो, तो बबल रैप या मोटे सॉफ्ट कपड़े में अच्छी तरह लपेटना जरूरी है. खराब पैकिंग की स्थिति में एयरलाइन बोतल ले जाने से मना कर सकती है.