तंबाकू प्रोडक्ट पर अब 40% लगेगा GST, जानिए कितना महंगा हो जाएगा 100 रुपए वाला सिगरेट का पैकेट

शौक में अब सच में बड़ी चीज होने वाली है. फू-फू कर धुएं के छल्ले उड़ाने वाले और गला तर करने वालों के लिए सरकार लगाम कसने जा रही है. तंबाकू प्रोडक्ट्स पर अब पहले से ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी. GST का नया स्लैब 22 सितंबर 2025 से लागू होने वाला है. अब पांच और 18 फीसदी वाला स्लैब ही रहेगा. ऐसे में कई सारे प्रोडक्ट्स सस्ते और कई सामान महंगे होने वाले हैं. लेकिन पान मसाला और तंबाकू प्रोडक्ट्स के लिए अब ज्यादा रकम चुकानी होगी. आइए जानें कि अगर ऐसा हुआ तो 100 रुपये वाला सिगरेट का पैकेट कितने का हो जाएगा.
जीएसटी काउंसिल ने अपनी बैठक में बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए तंबाकू उत्पादों पर टैक्स दर बढ़ा दी है. अब पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, बीड़ी, कच्चा और सुगंधित तंबाकू पर जीएसटी 28% से बढ़ाकर 40% कर दिया गया है.
ऐसे में मान लीजिए कि एक सिगरेट पैकेट की मूल कीमत 100 रुपये है. पहले इस पर 28% यानी 28 रुपये टैक्स लगता था और ग्राहक को कुल 128 रुपये चुकाने पड़ते थे. लेकिन अब 40% टैक्स दर लागू होने के बाद उसी पैकेट की कीमत 140 रुपये हो जाएगी.
यानि अब हर पैकेट पर 12 रुपये एक्स्ट्रा खर्च करना होगा. अगर कोई व्यक्ति रोज एक पैकेट सिगरेट पीता है, तो उसे महीने में 360 रुपये और साल में लगभग 4380 रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे.
पान मसाला उपभोक्ताओं के लिए भी यह फैसला भारी पड़ने वाला है. यदि किसी पैकेट की कीमत 50 रुपये है, तो पहले उस पर 28% टैक्स यानी 14 रुपये जुड़कर कुल कीमत 64 रुपये होती थी.
अब 40% जीएसटी दर लागू होने से टैक्स 20 रुपये हो जाएगा और पैकेट की कुल कीमत 70 रुपये पड़ेगी. यानी हर पैकेट पर 6 रुपये की बढ़ोतरी होगी.
यदि कोई व्यक्ति रोज दो पैकेट खरीदता है, तो उसे महीने में करीब 360 रुपये और सालभर में 4320 रुपये एक्स्ट्रा खर्च करने होंगे.
तंबाकू उत्पादों की कीमत बढ़ने से एक ओर सरकार का राजस्व बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर इनका उपभोग कम करने में भी मदद मिल सकती है. लेकिन एक बात यह भी है कि अचानक बढ़ी दरें तस्करी और अवैध बाजार को बढ़ावा दे सकती हैं.