हाथी ऐसे पुकारते हैं एक दूसरे साथी का नाम, खतरा होने पर निकालते हैं ऐसी आवाजें

हाथी एक ऐसा जानवर है, जिसे सबसे बलवान माना जाता है. पुराने समय में जिस राजा-महराजा के पास हाथी होता था, उसे सबसे अधिक धनवान माना जाता था.
धरती पर मौजूद सभी जानवरों की अपनी-अपनी विशेषता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हाथी एक ऐसा जानवर भी है, जो अपने एक दूसरे साथी का नाम पुकारता है.
बता दें कि हाथियों पर हुई एक स्टडी में ये पता चला है कि इंसानों की तरह ही हाथियों के भी अपने निजी नाम होते हैं, जिसका उपयोग करके वो झुंड के हर सदस्य एक दूसरे को संबोधित करते है. जी हां, आपको सुनकर ये अजीब लगेगा, लेकिन रिसर्च में ये सामने आया है.
एक रिसर्च के मुताबिक इंसानों की तरह ही हांथी भी अपने बच्चों का नाम रखते हैं. वो एक-दूसरे को पुकारने के लिए उस खास नाम का ही इस्तेमाल करते हैं. खास बात यह है कि ये नाम बहुत हद तक इंसानों में रखे जाने वालों नामों से ही मिलते जुलते हैं
जंगली अफ्रीकी हाथियों के बारे में ये रिसर्च नेचर इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन जर्नल में 10 जून 2024 को पब्लिश भी की गई थी. रिसर्च के मुताबिक हाथी किसी की नकल किए बिना दूसरे हाथियों को संबोधित करने के लिए व्यक्तिगत नाम का उपयोग करना सीखते हैं. वहीं नाम जैसी पुकार की पहचान करते हुए दूसरे हांथी प्रतिक्रिया भी ज़ाहिर करते हैं.
हाथी एक दूसरे को बुलाने के लिए जिस खास आवाज का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, वो एक तरह की गड़गड़ाहट होती है. इस गड़गड़ाहट की तीन कैटेगरी है. पहला झुंड के बिछड़े साथी को बुलाने के लिए, दूसरा अन्य साथी के अभिवादन के लिए और तीसरा बच्चों की देख भाल करने के लिए होता
हाथी गड़गड़ाहट तब करता है, जब उसे अपने उस साथी को बुलाना होता है, जो बहुत दूर या निगाह से बाहर चला गया होता है. वहीं दूसरी कैटगरी अभिवादन की होती है. हाथियों द्वारा इसका उपयोग तब किया जाता है, जब कोई अन्य हाथी काफी पास होता है. इसके अलावा तीसरी गड़गड़ाहट देखभाल के लिए होती है.
इस गड़गड़ाहट का इस्तेमाल मादा हांथी देख भाल कर रहे छोटे बच्चों के लिए करती हैं.