Dark Web: क्या होता है डार्क वेब, जहां कौड़ियों के दाम में बिकती है खुफिया जानकारी और पर्सनल डेटा

एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत के करीब 82 करोड़ लोगों की निजी जानकारी लीक हो गई है. अमेरिकी इंटेलिजेंस कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक ये डेटा डार्क वेब पर लीक किया गया है, जहां इसे कोई भी खरीद सकता है.
डार्क वेब इंटरनेट की दुनिया में एक ऐसा दरवाजा है, जहां से किसी भी ताले की चाबी खरीदी जा सकती है.
डार्क वेब के जरिए खुफिया जानकारी, लोगों की निजी जानकारी और खतरनाक हथियारों की खरीद भी होती है.
दरअसल इंटरनेट पर आज लगभग हर तरह की खुफिया और पर्सनल जानकारी मौजूद है, लेकिन इसे हर कोई एक्सेस नहीं कर सकता है.
सुरक्षा की परत में छिपे डेटा को डार्क वेब की मदद से एक्सेस किया जाता है, जिसे हैक कर बेचा जाता है.
डार्क वेब के लिए खास ब्राउजर का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे ये पता नहीं चल पाता है कि इसका इस्तेमाल कब और किसने किया. पैसों का ट्रांजेक्शन भी बिटकॉइन से होता है.
डार्क वेब का इस्तेमाल ज्यादातर अपराधी या हैकर्स करते हैं. यहां कई ऐसी वेबसाइट्स खुल जाती हैं, जो आप कहीं इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं.