UP By Elections: यूपी उपचुनाव में मीरापुर बनी हॉट सीट, जानें क्या हैं यहां के समीकरण और कौन सी पार्टी मारेगी बाजी
उत्तर प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर जल्द ही उपचुनाव होने वाले हैं. ऐसे में भाजपा से लेकर अन्य पार्टियों ने जमीनी स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. 10 विधानसभा सीटों में से एक सीट मीरापुर भी है, जो कि मुजफ्फरनगर जिले में आती है, अब देखना यह है कि यहां से सत्ताधारी भाजपा और RLD गठबंधन किसे मैदान में उतारता है.
यूपी तक की रिपोर्ट के मुताबिक वरिष्ठ पत्रकार आस मोहम्मद कैफ से जब यह पूछा गया कि भाजपा-रालोद गठबंधन मीरापुर उपचुनाव में किसे टिकट दे सकता है तो इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बीजेपी-RLD गठबंधन इस बार याशिका चौहान को मैदान में उतार सकता है. क्योंकि याशिका चौहान का ससुराल पक्ष और मायका पक्ष दोनों ही लंबे समय से राजनीति कर रहे हैं. सभी राजनीतिक समीकरणों के मद्देनजर गठबंधन शिक्षित और कद्दावर परिवार की महिला पर दांव लगाने की तैयारी में लग रहा है.
मुजफ्फरनगर की मीरापुर विधानसभा सीट की बात करें तो आजकल यह हॉट सीट बन गई है क्योंकि यहां पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई कद्यावर नेता चक्कर मार चुके हैं. बीजेपी और आरएलडी के गठबंधन के बीच मीरापुर सीट आरएलडी के खेमे में है, लेकिन भाजपा पूरी ताकत के साथ यहां से जीत दर्ज करना भी चाहती है.
न केवल भाजपा बल्कि अन्य पार्टी भी मीरापुर सीट पर नजर बनाए हुए है. वहीं समाजवादी पार्टी को बसपा और चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी ने भी चुनौती दे दी है. मायावती और चंद्रशेखर आजाद ने अपनी-अपनी पार्टी से यहां पर मुस्लिम प्रत्याशी को मैदान में उतारा है, जिससे मुकाबला और भी ज्यादा टक्कर का माना जा रहा है. मुस्लिम प्रत्याशी के उतारने से यह सीट समाजवादी पार्टी और भाजपा-आरएलडी गठबंधन के लिए इज्जत का सवाल बन गई है.
पत्रकार आस मोहम्मद के अनुसार क्योंकि बसपा और आजाद समाज पार्टी की ओर से मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में आया है, जिसे देखने के बाद सपा अब ओबीसी हिंदू प्रत्याशी मैदान में उातर सकती है. इसमें से वह गुर्जर, जाट, पाल बिरादरी में से किसी को टिकट दे सकती है. ऐसे में इस सीट पर सीधा मुकाबला सपा का भाजपा-RLD का ही रहेगा. क्योंकि बीएसपी और एसपी के उम्मीदवारों के चयन ने मुस्लिम वोटो में सेंधमारी कर ली है
पत्रकार का कहना है कि मीरापुर सीट अब तक स्थानीय नेतृत्व ना होने के कारण विकास न होने की मार झेल रही है. 2017 से लेकर 2022 तक यहां से विधायक अवतार भड़ाना थे, लेकिन उनके पूरे कार्यकाल के दौरान उन्हें बहुत कम देखा गया यही नहीं उन्हें मीरापुर के लोग हेलीकॉप्टर वाला उम्मीदवार कहते हैं नजर आए.
अवतार भड़ाना से पहले मीरापुर से विधायक जमील अहमद थे, जो स्थानीय तो थे लेकिन इनसे भी जनता को कुछ खास लाभ नहीं मिल पाया. ऐसे में मीरापुर की जनता अपने क्षेत्र के लिए एक मजबूत प्रतिनिधित्व की तलाश में है, जो उनके साथ खड़ा रहे और विकास करें.
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