'बिहार की जनता जमानत पर छूटे लोगों पर नहीं करती विश्वास', समस्तीपुर में बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी आदत के अनुरूप अपने भाषण की शुरुआत मैथिली में कुछ वाक्यों से की और स्थानीय बोली में मुहावरों और कहावतों का प्रयोग किया, जिस पर सभा में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया.
PM मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा की और कहा, ‘कुमार पिछले 20 सालों से (बीच में कुछ महीने छोड़कर) बिहार में एनडीए सरकार के मुख्यमंत्री हैं. वह 2005 में सत्ता में आए, लेकिन उनके कार्यकाल का लगभग एक दशक, केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार के कारण बाधित रहा, जिसे RJD की ओर से लगातार ब्लैकमेल किया गया कि अगर बिहार में राजग सरकार को सहयोग दिया गया तो राजद समर्थन वापस ले लेगा.’
पीएम मोदी ने जनसभा में मौजूद लोगों से अपने मोबाइल फोन की लाइट जलाने को कहा और राजद पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘जब सभी लोगों के पास ऐसे आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं, तो लालटेन की कोई जरूरत नहीं है. वहीं, विपक्षी इंडिया गठबंधन का नेतृत्व ऐसे लोग कर रहे हैं जो जमानत पर छूटे हुए हैं.’ उन्होंने बिहार में महागठबंधन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सहयोगियों के बीच झगड़े से पता चलता है कि यह गठबंधन नहीं, बल्कि एक 'लठबंधन' है. जबकि NDA अपनी एकजुटता के साथ एक विपरीत तस्वीर पेश करता है.’
उन्होंने कहा कि बिहार आर्यभट्ट जैसी प्रतिभा की भूमि है और यहां के लोग राजद-कांग्रेस गठबंधन पर भरोसा नहीं कर सकते, जिसने कानून के शासन को नष्ट किया था. उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘राजद के शासनकाल में फिरौती, अपहरण, हत्या और रंगदारी उद्योग की तरह फल-फूल रहे थे और जंगल राज से सबसे अधिक पीड़ित हमारी माताएं-बहनें और कमजोर वर्ग के लोग थे. जंगलराज लौटाने की बात करने वाले ये ‘लट्ठबंधन’ के नेता अब ‘दोनाली’ और देसी कट्टे की बातें कर रहे हैं.’
महागठबंधन पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, ‘इनके नेता आपस में ही लड़ रहे हैं. हमें यह सुनिश्चित करना है कि हर भाजपा कार्यकर्ता मतदान केंद्र तक पहुंचे और हर वोट सही तरीके से डलवाए. आप सब याद रखें-पहले मतदान, फिर जलपान.’