✕
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
  • बिहार
  • दिल्ली NCR
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • झारखंड
  • गुजरात
  • छत्तीसगढ़
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू और कश्मीर
  • बॉलीवुड
  • ओटीटी
  • टेलीविजन
  • तमिल सिनेमा
  • भोजपुरी सिनेमा
  • मूवी रिव्यू
  • रीजनल सिनेमा
  • क्रिकेट
  • आईपीएल
  • कबड्डी
  • हॉकी
  • WWE
  • ओलिंपिक
  • धर्म
  • राशिफल
  • अंक ज्योतिष
  • वास्तु शास्त्र
  • ग्रह गोचर
  • एस्ट्रो स्पेशल
  • बिजनेस
  • हेल्थ
  • रिलेशनशिप
  • ट्रैवल
  • फ़ूड
  • पैरेंटिंग
  • फैशन
  • होम टिप्स
  • GK
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो

देश के 344 केंद्रीय विद्यालयों में स्थायी प्रिंसिपल नहीं, कैसे होगी पढ़ाई?

कविता गाडरी   |  01 Aug 2026 08:39 AM (IST)
देश के 344 केंद्रीय विद्यालयों में स्थायी प्रिंसिपल नहीं, कैसे होगी पढ़ाई?

Kendriya Vidyalaya:देश भर में चल रहे केंद्रीय विद्यालयों में बड़ी संख्या में प्रिंसिपल के पद खाली है. संसद में शिक्षा मंत्रालय की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार देश के 344 केंद्रीय विद्यालय ऐसे हैं, जहां नियमित प्रिंसिपल की नियुक्ति नहीं है. यानी लगभग हर चार में से एक केंद्रीय विद्यालय फिलहाल स्थायी प्रिंसिपल के बिना संचालित हो रहा है. मंत्रालय का कहना है इन पदों को भरने की प्रक्रिया लगातार जारी है और खाली पदों के बावजूद स्कूलों का शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है.

1

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार वर्तमान में देशभर में 1,356 केंद्रीय विद्यालय संचालित है. इनमें से 1,012 विद्यालय में नियमित ग्रेड-2 प्रिंसिपल कार्यरत है, जबकि 344 स्कूलों में स्थायी प्रिंसिपल नहीं है. पिछले वर्षों की तुलना में यह संख्या बढ़ी है, करीब 8 साल पहले 1,081 स्वीकृत पदों में 200 प्रिंसिपल के पद खाली थे. इसके बाद केंद्रीय विद्यालय की संख्या बढ़ी, लेकिन नियमित प्रिंसिपलों की कमी भी बढ़ती गई.

Continues below advertisement
2

संसद में पूछे गए एक गए सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रिंसिपल के पद कई प्रशासनिक कारणों से खाली होते रहते हैं. इनमें नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना, रिटायरमेंट, इस्तीफा, पदोन्नति, ट्रांसफर, दूसरे विभागों में प्रतिनियुक्ति और स्कूलों का अपग्रेडेशन जैसे कारण शामिल है. मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन भर्ती नियमों के तहत इन पदों को नियमित रूप से भरने की प्रक्रिया अपनाते हैं.

Continues below advertisement
3

संसद में पूछे गए एक गए सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रिंसिपल के पद कई प्रशासनिक कारणों से खाली होते रहते हैं. इनमें नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना, रिटायरमेंट, इस्तीफा, पदोन्नति, ट्रांसफर, दूसरे विभागों में प्रतिनियुक्ति और स्कूलों का अपग्रेडेशन जैसे कारण शामिल है. मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन भर्ती नियमों के तहत इन पदों को नियमित रूप से भरने की प्रक्रिया अपनाते हैं.

4

सरकार के अनुसार कोविड-19 के दौरान भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होने के बाद वर्ष 2022 में केंद्रीय विद्यालय संगठन ने 13,441 शिक्षण और गैर शिक्षण पदों पर भर्ती पूरी की थी., जिनमें प्रिंसिपल के पद भी शामिल थे. इसके बाद नवंबर 2025 में 8,714 शिक्षण पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया, जिसमें 161 प्रिंसिपल के पद शामिल थे.

5

इन पदों के लिए टियर-1 और टियर-2 परीक्षा 2026 में आयोजित की गई. इसके अलावा दिसंबर 2025 में लिमिटेड डिपार्टमेंटल परीक्षा के माध्यम से 2,153 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू की गई, जिनमें 157 प्रिंसिपल के पद शामिल है.

6

शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि प्रिंसिपल के पद खाली होने के बावजूद केंद्रीय विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ा. मंत्रालय के अनुसार वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था और जरूरत के अनुसार संविदा शिक्षकों की नियुक्ति के कारण पढ़ाई और परीक्षा संबंधी गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हो रही है. 

  • हिंदी न्यूज़
  • फोटो गैलरी
  • शिक्षा
  • देश के 344 केंद्रीय विद्यालयों में स्थायी प्रिंसिपल नहीं, कैसे होगी पढ़ाई?
Continues below advertisement
About us | Advertisement| Privacy policy
© Copyright@2026.ABP Network Private Limited. All rights reserved.