Dhirubhai Ambani: कौन हैं चंपकलाल दमानी? रिलायंस को खड़ा करने में धीरूभाई अंबानी का दिया था साथ
धीरूभाई अंबानी के साथ इस बिजनेस को शुरू करने में उनके कजिन चंपकलाल शामिल थे, जिनके साथ मिलकर व्यापार की शुरुआत की गई. यमन में एक साथ रहते हुए, उन्होंने एक व्यापारिक उद्यम का विचार तैयार किया.
1950 के दशक के उत्तरार्ध में उन्होंने माजिन नामक एक बिजनेस की सह-स्थापना की, जिसका उद्देश्य यमन में पॉलिएस्टर यार्न का आयात और मसालों का निर्यात करना था. इस साझेदारी ने बाद में रिलायंस इंडस्ट्रीज बनने की नींव रखी.
भारत लौटने के बाद इस जोड़ी ने 1960 के दशक की शुआत में रिलायंस कमर्शियल कॉर्पोरेश की स्थापना की. कंपनी का प्रारंभिक फोकस यमन को मसाले और पॉलिएस्टर यार्न का निर्यात करना था. 15,000 रुपये के लागत के साथ मुंबई में इसका पहला कार्यालय बनाया गया था.
शुरुआती दिन में काफी चुनौतियां रहीं. अंबानी और उनका परिवार मुंबई के भुलेश्वर इलाके में एक साधारण दो बेडरूम वाले अपार्टमेंट में रहता था. शुरुआत में ये फल और स्नैक्स बेचने समेत कई छोटे पैमाने के बिजनेस में लगे हुए थे.
हालांकि 1965 में अंबानी और दमानी के बीच साझेदारी समाप्त हो गई, क्योंकि दोनों ने अलग-अलग रास्ते अपनाए. जोखिम लेने और नया परिवर्तन में अंबानी की रुचि दमानी के अधिक सतर्क दृष्टिकोण से टकराती दिख रही थी.
इस अलगाव के बावजूद अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस कपड़ा उद्योग की ओर बढ़ती रही और 1966 में रिलायंस टेक्सटाइल्स के रूप में उभरी. रिलायंस इंडस्ट्रीज की उत्पत्ति धीरूभाई अंबानी और चंपकलाल दमानी के बीच साझेदारी ने बड़ी भूमिका निभाई.