Pitru Pakha 2025: पितरों को भूल से भी न चढ़ाएं ये फूल, पूर्वज श्राद्ध नहीं करते स्वीकार
पितृ पक्ष में सभी पितर धरती पर आते हैं और अपने परिजनों से श्राद्ध का अन्न-जल ग्रहण करते हैं. इस दौरान पूर्वज की पूजा में काश का फूल जरुर चढ़ाया जाता है क्योंकि इससे वह बेहद प्रसन्न होते हैं
शास्त्रों के अनुसार पूर्वजों को तेज गंध पसंद नहीं है, इसलिए श्राद्ध में बेलपत्र, केवड़ा, कदम्ब, मौलसिरी, करवीर, तुलसी, भृंगराज, और लाल व काले रंग के सभी फूलों को नहीं चढ़ाना चाहिए.
दरअसल इनकी उग्र गंध होती है इससे पितर अप्रसन्न हो जाते हैं और अतृप्त होकर लौट जाते हैं, जिससे परिवार को कष्टों का सामना करना पड़ता है.
फूलों को अर्पित करते समय ध्यान रहे कि डंडी आपकी ओर हो और फूल का मुख पूर्वज की ओर, साथ ही बासी या सड़े हुए फूल कभी न चढ़ाएं.
श्राद्ध में सफेद रंग के फूलों को जरुर शामिल करना चाहिए जैसे चंपा, जूही आदि, क्योंकि ये पवित्रता का प्रतीक माने जाते हैं.
श्राद्ध वाले दिन पितरों की तस्वीर पर फूल चढ़ाएं साथ ही तर्पण करते समय जल, काले तिल और हाथ में फूल लेकर पूर्वजों को अर्पित करें, ऐसा करने से पितर संतुष्ट होते हैं.