New Year 2026 Bhandara: नए साल 2026 पर क्या भंडारा करा सकते हैं, इससे कौन सा पुण्य मिलता है
नववर्ष 2026 की शुरुआत हो चुकी है. नए साल की शुरुआत शुभ कार्य और नए संकल्पों के साथ करना शुभ होता है. इस मौके पर घर-परिवार के साथ तो सभी लोग जश्न मनाते हैं. लेकिन अगर आप साल के पहले दिन भंडारा कराते हैं तो इसे बहुत ही पुण्य कर्म माना जाता है.
भंडारा कराना अन्न दान का सबसे श्रेष्ठ माध्यम होता है, जिसमें हर जाति-समुदाय के लोग एक पंक्ति में एक जैसा भोजन ग्रहण करते हैं. नए साल पर भंडारा के माध्यम से जरुरतमंदों और आमजनों में भोजन कराकर आप पूरे वर्ष को शुभ और मंगलमय बना सकते हैं.
शास्त्रों में भंडारा कराने को पुण्य कर्म माना जाता है. खासकर विशेष अवसरों पर भंडारा कराने से इसका पुण्यफल कई गुना बढ़ जाता है और आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है.
साल 2026 के पहले दिन भंडारा कराकर आप ना सिर्फ अपना बल्कि कई लोगों के नववर्ष को शुभ बना सकते हैं. भंडारा कराने से देवता, पितृ और आमजन तीनों प्रसन्न होते हैं. इस तरह से आप धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक लाभ के भागीदार भी बनते हैं.
नववर्ष के पहले दिन सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें, पूजा-पाठ करें और इसके बाद भंडारे का आयोजन कराएं. आप मंदिरों, धार्मिक स्थलों या अपने घर के पास भंडारे का आयोजन कर सकते हैं.
यदि आप किसी कारण भंडारा कराने में सामर्थ्य नहीं हैं तो किसी मंदिर आदि में भंडारे के लिए सहयोग राशि दान कर सकते हैं या जरूरतमंदों में अपनी क्षमतानुसार भोजन का दान भी कर सकते हैं. इससे भी पुण्य फल मिलेगा और धन-धान्य की कमी नहीं होगी.