Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि का व्रत हर कोई नहीं रख सकता! जानिए किन्हें सावधान रहना चाहिए
महाशिवरात्रि का व्रत भगवान शिव की आराधना का बहुत ही पावन पर्व है. इस दिन शिवभक्त उपवास रखकर शिव पूजा, रुद्राभिषेक और रात्रि जागरण करते हैं. महाशिवरात्रि व्रत से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
लेकिन कोई भी व्रत रखने से पहले इसके नियमों को भलि-भांति जान लेना चाहिए. महाशिवरात्रि का व्रत भी हर किसी के लिए नहीं होता है. इसलिए पहले ही यह जान लें कि, किन्हें महाशिवरात्रि का व्रत नहीं रखना चाहिए और किन्हें नहीं.
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिला- गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण की अधिक आवश्यकता होती है, ऐसी महिलाओ को भी कठिन व्रत से बचना चाहिए. आप उपवास से पहले डॉक्टर की सलाह लें या फिर कठिन उपवास के बजाय फलाहार या बिना नमक वाले भोजन का सेवन करें.
गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग- जिन लोगों को डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हार्ट, किडनी या कोई गंभीर बीमारी हो, ऐसे लोगों को व्रत नहीं रखना चाहिए. यदि आप महाशिवरात्रि पर व्रत रखते हैं तो सबसे पहले, डॉक्टर की सलाह जरूर लें. बुजुर्गों को भी व्रत रखने से बचना चाहिए.
मासिक धर्म- महिलाएं मासिक धर्म में महाशिवरात्रि की पूजा न करें. लेकिन आप व्रत रख सकती हैं. साथ ही शिवलिंग को स्पर्श किए बिना मानसिक जप भी कर सकती हैं.
शास्त्रों में बताया गया है कि, यदि विषम परिस्थिति या स्वास्थ्य संबंधी कारणों से कोई व्रत नहीं रख सकता, तो वह केवल शिव पूजा, मंत्र जाप, दान-पुण्य और सात्विक भोजन से भी भगवान शिव की कृपा प्राप्त कर सकता है.