Durga Visarjan: दुर्गा विसर्जन में ध्यान रखें 5 बातें, नहीं तो व्यर्थ चली जाएगी 9 दिन की पूजा-व्रत

दुर्गा विसर्जन 2023
दुर्गा विसर्जन के लिए 24 अक्टूबर 2023 को सुबह 06.27 से सुबह 08.42 मिनट तक मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन करने का शुभ मुहूर्त है.
शास्त्रों के अनुसार दुर्गा विसर्जन अश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन करना चाहिए. विसर्जन से पहले मां दुर्गा के समक्ष, हवन करें. जरुरतमंदों को भोजन खिलाएं. देवी को पान के पत्ते से सिंदूर चढ़ाएं. फिर विवाहित महिलाओं को भी सिंदूर लगाएं. इससे सौभाग्य बढ़ता है.
नवरात्रि के पहले दिन जो कलश स्थापना की थी. विसर्जन करने से पहले कलश के पानी को आम के पत्तों से पूरे घर में छिड़कें. इससे नकारात्मकता दूर होती है.
अब 9 दिन की पूजा के दौरान जो देवी को सामग्री चढ़ाई है. प्रतिमा के साथ उस सामग्री, कलश का जल, नदी या तालाब में प्रवाहित कर दें. घटस्थापना के नारियल को भी विसर्जित कर दें.
नवरात्रि के पहले दिन बोए जवारे मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ विसर्जित किए जाते हैं. कुछ जवारों को धन स्थान पर रख दें इससे बरकत बनी रहती है. ध्यान रहें मां दुर्गा की प्रतिमा को सम्मानपूर्वक नदी में प्रवाहित करें, नहीं तो नौ दिन की पूजा-व्रत निष्फल हो जाएंगें.