China Xi Jinping: शी जिनपिंग को लगातार तीसरी बार चीन का राष्ट्रपति बना दिया गया है. शी जिनपिंग ने अपनी नियुक्ति से पहले ही सीपीसी की बैठक से अपने कई प्रतिद्वंदियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था. अब वह एक बार फिर चीन की सत्ता पर काबिज हो गए हैं. एक हफ्ते तक चलने वाली 20वीं सीपीसी राष्ट्रीय कांग्रेस शनिवार को संपन्न हुई थी, जिसमें 2,296 प्रतिनिधियों ने 205 सदस्यीय केंद्रीय समिति (Central Committee) का चुनाव किया था.


चीन में सत्ता का असली चेहरा पोलित-ब्यूरो और इसकी स्टैंडिंग कमेटी को माना जाता है. स्टैंडिंग कमेटी का मुखिया जनरल सेक्रेटरी होता है और यही जनरल सेक्रेटरी सेंट्रल मिलिट्री कमीशन का चेयरमैन और चीन का राष्ट्रपति होता है. सीपीसी की नई टीम में जिनपिंग ने सारे विरोधियों को हटा दिया है और अपने भरोसेमंद लोगों को एंट्री दी है.


जिनपिंग ने चीन में हुकूमत के असली कैरेक्टर को अब दुनिया के सामने पेश कर दिया है. जिनपिंग अब मरते दम तक चीन के राष्ट्रपति बने रहेंगे. अब ऐसे में अंतरराष्ट्रीय राजनीति के तेजी से बदलने के आसार हैं. वहीं अब जिनपिंग के खिलाफ चीन में विद्रोह भी तेज हो सकता है. बताया जा रहा है कि सीपीसी और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में ऐसे कई ताकतवर लोग अभी भी हैं, जो आने वाले समय में जिनपिंग का तख्तापलट कर सकते हैं. चलिए अब शी जिनपिंग के बारे में कुछ खास बातें भी जान लीजिए.


जमीनी राजनीति से वाकिफ


शी जिनपिंग पहले चीनी नेता हैं जिनका जन्म 1949 के बाद हुआ था, जब माओ की कम्युनिस्ट ताकतों ने एक लंबे गृहयुद्ध के बाद सत्ता संभाली थी. अपने पिता की मौत के कारण परिवार के लिए कई वर्षों तक उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन फिर भी वह धीरे-धीरे पार्टी में हर स्तर पर काम करते हुए आज इस मुकाम पर पहुंचने में सफल रहे. शी ने 1969 में काउंटी स्तर के पार्टी सचिव के रूप में शुरुआत की. उसके बाद 1999 में तटीय फ़ुज़ियान प्रांत के गवर्नर बनाए गए, फिर 2002 में झेजियांग और 2007 में बीजिंग प्रांत के पार्टी प्रमुख के पद पर कायम हुए.


शी जिनपिंग के सिर पर सवार सनक!


शी जिनपिंग उस देश के मुखिया हैं जो पूरी दुनिया की आंखों में खटकता है. शी जिनपिंग के नेतृत्व में आज चीन को दुश्मनों देशों की कोई कमी नहीं है. वैश्विक पटल से आतंकवादियों का समर्थन कर शी जिनपिंग अपनी सनक दुनिया को दिखा चुके हैं. इसी के साथ भारत के लद्दाख में भी चीनी सेना लगातार घुसपैठ की कोशिश करती रही है. यह सब शी जिनपिंग के इशारों पर ही होता है. शी जिनपिंग ताइवान (Taiwan) के मुद्दे पर भी अपनी नीति स्पष्ट कर चुके हैं. सीपीसी के 20वें अधिवेशन में उन्होंने साफ-साफ कहा कि वे ताइवान में किसी भी तरह के विदेशी दखल को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि चीन ने ताइवान में विदेशी ताकतों को करारा जवाब दिया है.


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