Indonesia Blasphemy: इंडोनेशिया में एक मौलवी को ईशनिंदा और नफरत फैलाने वाले भाषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि मौलवी ने महिलाओं को पुरुषों के साथ नमाज अदा करने की अनुमति दी थी. जिसके कारण पहले मौलवी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा और बीते बुधवार (2 अगस्त) को उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने एक बयान जारी कर मौलवी की गिरफ्तारी की जानकारी दी है.
इंडोनेशियाई नेशनल पुलिस के अधिकारी जुहंधानी राहर्डजो ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पश्चिम जावा के इंद्रमायु जिले में अल-जायतुन बोर्डिंग स्कूल चलाने वाले 77 वर्षीय पांजी गुमिलांग को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस ने बताया कि अल-जायतुन बोर्डिंग स्कूल पर महिलाओं को पुरुषों के साथ प्रार्थना करने की अनुमति देने का आरोप है, जिससे रूढ़िवादी समूह भड़के हुए हैं. बता दें कि पश्चिम जावा इंडोनेशिया का सबसे अधिक आबादी वाला प्रांत है.
वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ विवाद
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूरा विवाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ, जिसमें महिलाओं को पुरुषों के साथ मिलकर प्रार्थना करते हुए दिखाया गया है. इंडोनेशिया की इस्लामिक लिपिक परिषद का कहना है कि यह पारंपरिक इस्लामी प्रार्थना प्रथाओं के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि स्कूल ने महिलाओं को शुक्रवार की प्रार्थना के दौरान उपदेश देने की भी अनुमति दी, जो इस्लाम में आमतौर पर पुरुषों के लिए आरक्षित होती है.
हो सकती है 11 साल की सजा
सीएनएन इंडोनेशिया के अनुसार, गुमिलांग को अब ऐसे आरोपों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके तहत ईशनिंदा के लिए पांच साल तक की जेल और नफरत वाले भाषण के लिए छह साल तक की जेल हो सकती है. रिपोर्ट के अनुसार, इस स्कूल पर बीते कई महीने से सवाल उठ रहे थे. कई संगठन इसे जून से ही बंद करने की मांग कर रहे हैं.
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