Lok Sabha Election 2019: एबीपी न्यूज़-नीलसन एग्जिट पोल के अनुसार बिहार की कुल 40 लोकसभा सीट में से एनडीए 34 सीटें जीत रही है. महागठबंधन के खाते में महज छह सीटें जाती दिखाई दे रही हैं. खास बात ये है कि बीजेपी अपने खाते की सभी 17 सीटें जीत रही है. यानी इस बार बीजेपी के जितने में भी उम्मीदवार मैदान में हैं उनके एक बार फिर संसद पहुंचने की संभावना है. एनडीए में जो सीटों का बंटवारा हुआ उसके तहत बेगूसराय, पाटलिपुत्र और पटना साहिब बीजेपी के खाते में गई. ये तीन सीटों को बिहार का हॉट सीट माना जा रहा है. इसके पीछे अलग-अलग वजहे हैं.

बिहार की जिस सीट को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हुई वो बेगूसराय रही. उम्मीद की जा रही थी कि यहां से जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को महागठबंधन की तरफ से टिकट दिया जा सकता है लेकिन ऐसा नहीं हुआ. बाद में सीपीआई ने कन्हैया कुमार को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया. वहीं बीजेपी ने गिरिराज सिंह को यहां से मैदान में उतार दिया. पहले तो गिरिराज सिंह इस सीट को लेकर नाराज हो गए लेकिन बाद में अमित शाह ने उन्हें मनाया. आरजेडी एक बार फिर तनवीर हसन को मैदान में उतारकर लड़ाई को त्रिकोणीय बना दिया. एक्जिट पोल के मुताबिक गिरिराज सिंह यहां से बाजी मारते दिखाई दे रहे हैं.

पटना साहिब सीट पर भी लोगों की नजरें रहीं. इस सीट से बीजेपी ने रविशंकर प्रसाद को टिकट देकर ये साफ कर दिया कि अब पार्टी में शत्रुघ्न सिन्हा के लिए जगह नहीं है. इसके बाद जैसा कि कयास लगाए जा रहे थे, शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस में शामिल हो गए. कांग्रेस ने लगे हाथ उन्हें पटना साहिब से उम्मीदवार बना दिया. शत्रुघ्न सिन्हा ने दावा किया कि उनकी जीत तय है लेकिन एक्जिट पोल के आंकड़े ये बता रहे हैं कि इस बार ‘बिहारी बाबू’ का संसद पहुंचना मुश्किल दिखाई दे रहा है.

पाटलिपुत्र सीट से लालू यादव की बेटी मीसा भारती एक बार फिर मैदान में हैं. पिछले बार उन्हें बीजेपी के रामकृपाल यादव ने हरा दिया था लेकिन इस बार वे पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरीं. उनके लिए तेजस्वी यादव से लेकर राहुल गांधी ने प्रचार किया. इसके बावजूद भी एक्जिट पोल के आंकड़ें मीसा भारती के पक्ष में नहीं हैं. रामकृपाल यादव एक बार फिर जीत दर्ज कर संसद पहुंच सकते हैं. इस सीट पर भी आखिरी और सातवें चरण के वोट डाले गए.