लोकसभा में महिला आरक्षण समेत तीनों बिल पेश होने के बाद कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावर हो गई है. कांग्रेस के दिग्गज नेता और लोकसभा सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि अब सरकार भारतीय लोकतंत्र को हाईजैक करने की कोशिश कर रही है और इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा दी गई राज्य सुरक्षा को छीनने का प्रयास कर रही है. उन्होंने इसे असंवैधानिक विधेयक बताया है.
भड़के धर्मेंद्र यादव ने क्या कहालोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि महिला बिल की चासनी के नाम पर जो हाल कश्मीर और असम का हुआ है, वही पूरे देश के साथ करने का प्रयास है. हम विपक्ष की ओर से इसका विरोध करेंगे. उन्होंनने कहा कि जब तक पिछड़े वर्ग और मुस्लिम वर्ग की महिलाएं शामिल नहीं की जाएंगी, तब तक इसका विरोध करेंगे. उन्होंने कहा कि 2023 के बिल को लागू किया जाए.
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने धर्मेंद्र यादव के बयान पर कहा कि धर्म के नाम पर आरक्षण नहीं हो सकता, असंवैधानिक बातें न करें. पूरे देश की महिलाओं की बात करें, सिर्फ मुस्लिम महिलाओं की बात क्यों करते हो.
अखिलेश यादव का बयानकिरेन रिजिजू के बयान पर पलटवार करते हुए सपा सांसद और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि आपको जल्दबाजी क्यों है. आप जनगणना क्यों नहीं कराना चाहते. जैसे ही जनगणना होगी, जाति जनगणना होगी, वैसे ही हम आरक्षण मांगेंगे इसलिए ये धोखा देकर आना चाहते हैं.
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धर्मेंद्र यादव के बयान पर अमित शाह ने जताई आपत्तिगृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कुछ बयान ऐसे दिए गए जो जनता में चिंता पैदा कर सकते हैं. अखिलेश ने कहा कि जनगणना क्यों नहीं हो रही थी. जनगणना का काम शुरू हो चुका है. उन्होंने कहा कि हम जाति जनगणना की मांग करेंगे, सरकार ने जाति की जनगणना का निर्णय ले लिया है और जाति के साथ ही ये जनगणना हो रही है.
उन्होंने आगे कहा कि धर्मेंद्र यादव कह रहे हैं कि कॉलम नहीं है, उन्हें पता होना चाहिए कि अभी घरों की गिनती हो रही है, घरों की जाति नहीं होती है. समाजवादी पार्टी की चले तो घरों की भी जाति तय कर दे. धर्मेंद्र यादव ने मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण की बात करके असंवैधानिक बात की है. संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की मंजूरी नहीं है.
