Special Parliament Session 2026 LIVE: लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण बिल, सरकार को नहीं मिला दो-तिहाई बहुमत
Parliament Session 2026 LIVE Updates: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिर गया. सरकार को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला. एनडीए को सिर्फ 5 वोट ज्यादा मिले.

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लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह महिला आरक्षण से जुड़े 131वां संविधान संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक 2026 पर जारी चर्चा पर...More
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, 'आज तो वचनपूर्ति का दिन था. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करवाने का दिन था, ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी और पूरे INDIA गठबंधन पर सिर्फ राजनीतिक स्वार्थ हावी हुआ. उन्होंने महिलाओं के साथ धोखा, विश्वासघात किया है.'
बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, 'आज विपक्ष का चेहरा उजागर हो गया. मोदी सरकार 2034 की जगह 2029 में महिला आरक्षण ला रही है तो किस बात का विरोध? ये कभी भी महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहते. ये देश की आधी आबादी का अपमान है.'
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, 'मुझे लगता है कि अगर प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा सरकार एक सरल महिला आरक्षण विधेयक लाते, जिसमें परिसीमन और जनगणना की कोई शर्त नहीं होती तो महिला आरक्षण बहुत आगे बढ़ जाता. 2023 में महिला आरक्षण का जो कानून पारित हुआ, जिसे सरकार ने कल रात लागू किया उसपर आगे काम होगा लेकिन 2026 में महिला आरक्षण के नाम पर ये जो राजनैतिक परिसीमन करना चाहते थे, वह पूरे देश में उजागर हो गया है. कहीं न कहीं भाजपा को सिर्फ राजनीति करनी है और यह आज देश समझ चुका है.'
समाजवादी पार्टी सांसद इकरा हसन ने कहा, 'सत्ता पक्ष के लोग शायद जागरूक नहीं है क्योंकि महिला आरक्षण के विरोध में आज वोटिंग थी ही नहीं. जो 2023 का नारी शक्ति वंदन अधिनियम है वह आज भी बरकरार है, उसके संबंध में जो संशोधन ये लाए थे, जिसमें ये परिसीमन करना चाहते थे. वह विफल हुआ है. हम नहीं चाहते कि महिलाओं का नाम लेकर बीजेपी अपनी राजनीतिक रोटी सेके. अगर सरकार की नीयत सही है तो 543 सीटों पर ही 33% आरक्षण लागू करें.'
बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा, 'सारी बेटियों, महिलाओं का मनोबल गिरा दिया गया. मुझे नहीं लगता कि इस तरह की उम्मीद किसी ने भी विपक्ष ने की थी. मुझे यह व्यक्तिगत क्षति लग रही है. जैसा प्रधानमंत्री ने कहा कि हम महिलाओं को उनका हक दिलाकर रहेंगे तो हमें प्रधानमंत्री मोदी पर विश्वास है.'
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा. नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया. महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है. अब देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण, जो उनका अधिकार था, वह नहीं मिल पाएगा. कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने यह पहली बार नहीं किया, बल्कि बार-बार किया है. उनकी यह सोच न महिलाओं के हित में है और न देश के. मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहां नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी. विपक्ष को ‘महिलाओं का आक्रोश’ न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा.'
एनडीए की सांसद एक बार फिर संसद भवन परिसर में प्रदर्शन कर रही हैं. महिला सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी कर रही हैं.
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिर गया. सरकार को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला. बिल के समर्थन में 298 वोट पड़े, जबकि बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े. सदन में 528 सांसद मौजूद रहे, इस हिसाब से दो-तिहाई बहुमत के लिए 352 वोटों की जरूरत थी.
महिला आरक्षण बिल लोकसभा में गिर गया. संविधान संशोधन बिल पारित नहीं हो पाया. इस बिल को पास कराने के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट डाले गए.
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े तीनों बिलों पर वोटिंग चल रही है. पहले राउंड में बिल पर वोटिंग अभी तक पास कराने के पक्ष में 278 और विपक्ष में 211 वोट पड़े. पहले राउंड में कुल 489 वोट पड़े.
महिला आरक्षण बिल समेत तीनों बिल पर वोटिंग की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन में मौजूद हैं.
अमित शाह ने कहा, 'विपक्ष के नेता का व्यवहार देश देख रहा है और भाषा देश सुन रहा है, संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करते हैं, नेता प्रतिपक्ष अपने सीनियर से सीख लें, नहीं तो प्रयंका जी से ही सीख लें.'
अमित शाह ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी के पहले मंत्रीमंडल में 10 महिलाएं रहीं. आनंदी बेन पटेल गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं. वसुंधरा राजे राजस्थान और सुषमा स्वराज दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं. अभी रेखा गुप्ता दिल्ली में सीएम हैं. हमने आदिवासी महिला को महामहिम द्रोपदी मुर्मु बनाया.'
अमित शाह ने कहा, 'जब मनमोहन सरकार ने इस बिल को लेकर आई तो इनके समर्थन वाली पार्टीयों ने इसका विरोध किया. ये इनकी ही राजनीति थी, क्यों कि अभी हम इस बिल को ला रहे हैं तो जनता दल यूनाइटेड कैसे विरोध कर सकती है. ये जब चुनाव में जाएंगे तो इनको महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा.'
अमित शाह ने कहा, 'नरेंद्र मोदी सरकर ने ओबीसी कमिशन को संवैधानिक मान्यता दी. इनके लिए चुनाव जीतना सर्वोपरी है. हमारे लिए राष्ट्र सर्वोपरी है. इनका दिखावटी प्रेम इस देश का पिछड़ा भी जनता है. आज से महिलाएं भी जानती हैं कि विपक्ष इनका हक छीन रहा है.'
अमित शाह ने कहा, 'हम धर्म के आधार पर आरक्षण न देंगे और न किसी को देने देंगे. मंडल कमीशन की रिपोर्ट कांग्रेस ने खारिज किया था. 15- 20 चुनाव हारने के बाद विपक्ष ओबीसी का हितैसी बना है. कांग्रेस ने अब तक कोई ओबीसी को पीएम नहीं बनाया. बीजेपी ने अति पिछड़ा समाज से मोदी जी को पीएम बनाया.'
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, 'मंडल आयोग के सुझाव को इंदिरा जी ने ठंडे बस्ते में डाला, लेकिन 1990 में वीपी सिंह उसे लेकर आए. विपक्ष के नेता राजीव गांधी ने अपने जीवन के सबसे लंबे भाषण में मंडल आयोग का विरोध किया और जाति जनगणना का विरोध किया था.'
अमित शाह ने कहा, 'अगर इस देश में कोई सबसे बड़ा ओबीसी विरोधी है तो वह कांग्रेस पार्टी है. आरक्षण उन लोगों के लिए है जो सामाजिक रूप से पिछड़े होते हैं या फिर अनूसूचित जाति या जनजाति में पैदा होते हैं.'
अमित शाह ने कहा, 'अगर विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया तो बिल गिर जाएगा, लेकिन ये (विपक्ष) जब जनता के सामने जाएंगे तो जनता हिसाब मांगेगी.'
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल पर कहा, '11 साल का अनुभव जो है, अगर ये लिखकर दे देंगे कि महिला प्रधानमंत्री बनाएंगे तो भी भरोसा नहीं करेंगे'.
अमित शाह ने कहा, 'हम ऐसा नहीं करने देंगे. आपके बाल सफेद हो जाएंगे लेकिन यहां नहीं बैठ पाओगे. देश के अंदर विभाजन कर कोई सत्ता में नहीं बैठ पाएगा. झूठ को जोर से बोलने से सच नहीं हो जाता है. सच सच होता है. दक्षिण के 5 राज्यों का अभी 133 सीटें हैं. अब बढ़ोतरी करके 133 से 195 होगी. पहले 23.76 अब 23.87 प्रतिशत होगा. किसी का कोई नुकसान नहीं होगा.'
अमित शाह ने कहा, 'तीन महीने पहले ही हम जातिगत जनगणना की पूरी योजना बता चुके हैं. दक्षिण के राज्यों का भी इस सदन पर उतना ही अधिकर है, जितना उत्तर का है. ऐसा नैरेटिव नहीं रखना चाहिए. ये (विपक्ष) उत्तर-दक्षिण में भेद कराना चाहते हैं.'
अमित शाह ने कहा, 'जब 2024 में जनगणना का समय आया तो दलों ने जातिगत जनगणना की बात कही. हमने लोगों से बात की और निर्णय लिया कि जातिगत जनगणना की जाएगी.'
अमित शाह ने जनगणना के मामले पर कहा, 'कई सदस्यों ने सवाल उठाया कि जनगणना सही समय पर क्यों नहीं हुई. 2021 में जनगणना होनी थी, लेकिन 2021 में ही सबसे बड़ी महामारी आई है. कोविड के संकट की वजह से यह संभव नहीं हो सका. देश को इस संकट से उबरने में समय लगा.'
अमित शाह ने कहा, 'तर्क ये था कि सबको बोलने का मौका नहीं मिलेगा, संसद के समय को बढ़ाया जा सकता, स्पीकर भी समय बढ़ा सकता है और राहुल जी जैसे समय खराब करते हैं, अगर वो बंद कर दें तो भी समय मिल जाएगा.'
अमित शाह ने कहा, 'इस चर्चा को अगर बारीकी से कोई सुनेगा तो महिला आरक्षण के लिए जो संविधान संशोधन है, उसका किसी ने विरोध नहीं किया है. सभी ने कहा है कि यह संविधान संशोधन जो आया है, उसका हम स्वागत करते हैं, लेकिन इंडी अलायंस के सभी सदस्यों ने स्पष्ट रूप से महिला आरक्षण का विरोध किया है.'
अमित शाह ने कहा, '1972 में इंदिरा गांधी सरकार ने परिसीमन विधेयक लाकर 525 से 545 किया, फिर फ्रीज कर दिया. 76 में परिसीमन पर रोक लगा दी. ये तो सत्ता में रहकर रोक लगाई थी, अब कांग्रेस विपक्ष में रहकर रोक लगाना चाहती है.'
अमित शाह ने कहा, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम में जिक्र किया गया है कि 2026 की जनगणना के आधार पर सीटों की गणना क्या औचित्य है. 1971 में इंदिरा सरकार के समय फ्रीज की गई सीटों की संख्या के चलते इसका जिक्र किया जा रहा है.'
अमित शाह ने कहा, 'जो मतदाता है, उसकी अपेक्षाएं और समस्याएं भी होती हैं, क्या इस सदन में जो विरोध करते हैं, वो मुझे समझा सकता है कि 39 लाख वोटर की जिम्मेदारी का निर्वहन करेगा.'
अमित शाह ने कहा, 'कई लोकसभा इतनी बड़ी हैं कि सांसद अपने मतदाताओं को अपना मुंह भी नहीं दिखा पाते हैं. इतनी बड़ी आबादी होती है, इसीलिए हमारे संविधान में समय पर परिसीमन का प्रावधान है.'ये
अमित शाह ने कहा, 'बिल का मुख्य उद्देश्य यह है कि 2029 का चुनाव आरक्षण के साथ कराया जाए. दूसरा उद्देश्य है कि एक व्यक्ति एक वोट और एक मूल्य लागू हो.'
गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, 'मैं देश की जनता के सामने स्पष्ट करना चाहता हूं कि ये जो विरोध है, यह तरीके का नहीं हो रहा, बल्कि महिला आरक्षण का विरोध हो रहा है.'
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह महिला आरक्षण बिल को लेकर लोकसभा में संबोधित कर रहे हैं. उन्होंने कहा, 'करीब 123 सदस्यों ने अपनी बात रखी, जिसमें 63 महिलाएं रहीं. यह एक रिकॉर्ड बन गया है.'
केंद्रीय गृहमंत्री अमित संसद भवन पहुंच गए हैं. वे कुछ ही देर बाद महिला आरक्षण बिल को लेकर संबोधित करेंगे.
संसद भवन में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन बीजेपी नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं. बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग, विनोद तावड़े समेत कुछ और नेता मौजूद हैं. महिला आरक्षण बिल पर मतदान के बाद को लेकर रणनीति बन रही है.
सूत्रों के मुताबिक सरकार ने तैयारी कर ली है कि नारी वंदन अधिनियम बिल पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद वोटिंग करवाई जाएगा. सरकार भी अब इस बात को लेकर तैयार है कि अगर बिल गिरेगा तो सदन में ही दिखाना चाहिए कि किस तरह से विपक्ष ने इस बिल को पास नहीं होने दिया.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने 'जादूगर' वाले बयान पर कहा, "यह एक पहेली है, मैं इसका जवाब ऐसे ही नहीं बताऊंगा. अगर मुझे इसका हल मिल गया, तो मैं आपको बताऊंगा कि यही है."
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शाम 6 बजे लोकसभा में बोलेंगे. इसके बाद शाम 6.30 बजे वोटिंग हो सकती है.
निशिकांत दुबे ने कहा, 'साल 2011 में सोनिया, चिदंबरम, प्रणव मुखर्जी और मनमोहन सिंह ने जाति जनगणना का विरोध किया था. मलायम सिंह यादव, लालू जी के प्रयास से जाति जनगणना हुई, लेकिन उसका डेटा रिलीज नहीं हुआ. हमारी सरकार जाति जनगणना करा रही है, जो अगले एक दो सालों में आ जाएगा.'
निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि यही लोग जातिगत जनगणना के खिलाफ रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस नेताओं के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा, 'सोनिया गांधी ने कहा, जातिगत जनगणना संविधान के दायरे में नहीं है. चिदबंरम ने कहा, जातिगत जनगणना देश को बांट देगी.'
निशिकांत दुबे ने कहा, 'इस देश में अगर सबसे मजबूत कोई बिजनेसमैन है तो वह है टाटा परिवार है. राहुल गांधी को यही नहीं पता कि टाटा अल्पसंख्यकों में आते हैं. वेदांता के मालिक अनिल अग्रवाल भी ओबीसी हैं.'
निशिकांत दुबे ने कहा, 'रात डेढ बजे तक यहां लगातार जमे हुए थे. मैं जब आज यहां आया तो मुझे लगा कि कांग्रेस के लीडर ऑफ अपोजिशन से माताओं-बहनों के बारे में सुनने को मिलेगा, लेकिन मुझे लगा कि मैंने जैसे माइकल जैक्शन का डांस देख लिया.'
राहुल गांधी ने कहा, 'बीजेपी के अंदर कन्फ्यूजन है. बीजेपी को लगता है कि वही भारत के नागरिक हैं, उन्हें लगता है कि वही ऑर्म्ड फोर्सेज हैं. आप भारत या आर्म्ड फोर्सेज नहीं हैं. आप एक पॉलिटिकल पार्टी हैं. हम आप पर अटैक कर रहे हैं. कायरों की तरह भारतीय नागरिकों और सेना के पीछे छिपने की कोशिश न करें.'
किरेन रिजिजू ने कहा, 'राहुल गांधी ने वीर जवानों का मजाक उड़ाया है. ये उन्हें भी जादू कह रहे हैं. ये पीएम का मजाक नहीं, बल्कि देश का मजाक है. आप नेता प्रतिपक्ष हैं, आपके नए एमपी क्या सीखेंगे जब नेता ही ऐसा व्यवहार करेंगे.'
राहुल गांधी के बयान के बाद लोकसभा में हंगामा मच गया. राजनाथ सिंह ने कहा, 'प्रधानमंत्री के संदर्भ में जिस प्रकार से शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, वह शर्मनाक है, वो किसी व्यक्ति का अपमान नहीं कर रहें, वो देश की जनता का अपमान कर रहे हैं, मैजिशियन कह कर.'
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कस दिया. उन्होंने कहा, 'बालाकोट के जादूगर का भेद खुल गया है.'
राहुल गांधी ने कहा, 'बीजेपी को पता था कि ये बिल कभी पास नहीं हो सकता, ये पैनिक रिएक्शन था, पीएम किसी भी कीमत पर दो मैसेज देना चाहते थे, पहला भारत का इलेक्टोरल मैप बदलना चाहते हैं और दूसरा वो प्रो वीमेन हैं.'
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए लोकसभा में कहा, मोदी सरकार दलितों को हिंदू कहती है, पिछड़ों को हिंदू कहती है, लेकिन उन्हें उनका हक नहीं देती है.
राहुल गांधी ने कहा, 'इस बिल से महिलाओं का कोई लेनादेना नहीं है.ये बिल दलित, पिछड़ों के खिलाफ है. देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश की जा रही है. अपनी ताकत घटने से सरकार डर रही है. सत्त को हथियान के लिए ऐसा किया जा रहा है, हम सरकार को ऐसा नहीं करने देंगे.'
किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से पूछा, 'कांग्रेस ने कभी ओबीसी के लिए काम क्यों नहीं किया. राजीव गांधी ने ओबीसी रिजर्वेशन का विरोध क्यों किया. क्या राहुल गांधी जवाब दे सकते हैं?'
महिला आरक्षण पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का संबोधन शुरू हो गया है. उन्होंने कहा सदन में महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो रही है.
प्रधानमंत्री ने एक्स पर किए दूसरे पोस्ट में लिखा, 'मैं सभी सांसदों से कहूंगा. आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए. देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है. उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए. ये संशोधन सर्वसम्मति से पारित होगा, तो देश की नारीशक्ति और सशक्त होगी. देश का लोकतंत्र और सशक्त होगा. आइए हम मिलकर आज इतिहास रचें. भारत की नारी को देश की आधी आबादी को उसका हक दें.'
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, संसद में इस समय नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा चल रही है. कल रात भी एक बजे तक चर्चा चली है. जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब दिया गया है. हर आशंका का समाधान किया गया है. जिन जानकारियों का अभाव था, वो जानकारियां भी हर सदस्य को दी गई हैं. किसी के मन में विरोध का जो कोई भी विषय था, उसका भी समाधान हुआ है.
उन्होंने आगे लिखा, 'महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है. अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें. आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में इतना कम प्रतिनिधित्व रहे, ये ठीक नहीं. अब कुछ ही देर लोकसभा में मतदान होने वाला है. मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं… अपील करता हूं... कृपया करके सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लें, महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें.'
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, संसद में इस समय नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा चल रही है. कल रात भी एक बजे तक चर्चा चली है. जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब दिया गया है. हर आशंका का समाधान किया गया है. जिन जानकारियों का अभाव था, वो जानकारियां भी हर सदस्य को दी गई हैं. किसी के मन में विरोध का जो कोई भी विषय था, उसका भी समाधान हुआ है.
महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है. अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें. आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में इतना कम प्रतिनिधित्व रहे, ये ठीक नहीं. अब कुछ ही देर लोकसभा में मतदान होने वाला है. मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं… अपील करता हूं... कृपया करके सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लें, महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें.
मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा… कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों. देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम सभी पर है, हमारी नीयत पर है, हमारे निर्णय पर है. कृपया करके नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का साथ दें.
केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा, 'प्रधानमंत्री महिलाओं के राजनीतिक और सामाजिक उत्थान के लिए बिल लेकर आए हैं. देश के सबसे बड़े पंचायत में जाने मौका दिया. उन्होंने अपनी नीति और नियत स्पष्ट की और नेतृत्व महिलाओं को देने का काम किया. विपक्ष इसका विरोध कर रहा है और विपक्ष का ये विरोध महिलाओं के हक को समाप्त करने का काम कर रहा है.'
सांसद शांभवी चौधरी ने महिला आरक्षण विधेयक पर कहा, '2029 तक ये सही तरीके से ये लागू हो जाए उसके लिए आज पास किया जा रहा है. अब 2029 में जनगणना की कोई बाधा नहीं रहे और वो सही तरीके से पारित हो जाए और देश में लागू हो जाए इसमें कोई गलत बात नहीं है. परिसीमन अगर हो रहा है और परिसीमन से सुशासन जमीन पर उतारा जा रहा है तो इससे विपक्ष को दिक्कत क्यों है?'
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा, 'सभी दलों ने अपना रूख बता दिया है कि कैसे वह इसका विरोध कर रहे हैं, क्यों कर रहे हैं. भाजपा की स्थिति साफ नहीं समझ आती है. अभी तक पिछले कानून के लिए आरक्षण शुरू करने की आपने कोई प्रक्रिया लागू नहीं की. पिछला जो कानून बना उसको आपने नोटिफाई तक नहीं किया. सब कुछ दुनिया के सामने आ गया है. अब वे बेनकाब हो चुके हैं.'
अपना दल (एस) सांसद अनुप्रिया पटेल ने महिला आरक्षण से जुड़े 3 बिल का समर्थन करते हुए कहा, लोकसभा में आज भी केवल महिलाओं की संख्या 14 फीसदी है. यह आंकड़ा निराशाजनक है. आज इस तस्वीर को बदलने की जरूरत है. उन्होंने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा, 'जब आपके पास मौका था तो 543 सीटों पर 33 फीसदी महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं दिया. जब हम सदन की संख्या बढ़ाएंगे तो छोटे और बड़े दलों को फायदा होगा. उन्होंने कहा, 'जो जातीय जनगणना के पैरोकार बन रहे थे, जब वो सरकार में थे तब उन्होंने ये फैसला क्यों नहीं लिया. जो ये मुद्दे छोड़कर गए हैं, उनको आज सरकार पूरे कर रही है.'
लोकसभा में सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि सरकार संविधान को क्यों बदलना चाहती है. जब मुलायम सिंह जी ने पंचायत में आरक्षण दिया तो वहां पर एससी एसटी ओबीसी की महिलाओं को भी आरक्षण मिला. आज आप अल्पमत में दिखाई दे रहे हैं तो भ्रम पैदा कर रहे हैं. सपा की मांग है कि अल्पसंख्यक महिलाओं को भी आरक्षण मिले.
लोकसभा में कांग्रेस MP शशि थरूर ने कहा, 'प्रधानमंत्री कहते हैं कि सरकार ने नारी शक्ति को न्याय का तोहफा दिया है, लेकिन उन्होंने इसे कांटेदार तार में लपेट दिया है, महिला रिज़र्वेशन को पार्लियामेंट के विस्तार, 2011 की जनगणना के आंकड़ों और डिलिमिटेशन की प्रक्रिया से जोड़ दिया है. हमें एक नैतिक जरूरत को डेमोग्राफिक माइनफ़ील्ड से क्यों उलझाना चाहिए? महिला रिजर्वेशन फसल काटने के लिए तैयार है..इसे डिलिमिटेशन से जोड़ना भारतीय महिलाओं की उम्मीदों को हमारे देश के इतिहास के सबसे विवादित और मुश्किल एडमिनिस्ट्रेटिव कामों में से एक का बंधक बनाना है.'
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने महिला आरक्षण बिल पर कहा, 'महिलाओं को बहुत-बहुत बधाई. इस बिल को लेकर महिलाओं में एक उत्साह जगा है, पीएम मोदी ने असंभव को संभव बना दिया है 30 साल से अटके हुए बिल को पारित किया है.'
महिला आरक्षण पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दोपहर 1 बजकर 45 मिनट पर बोलेंगे. सूत्रों की मानें तो विपक्ष तीनों बिलों का विरोध करेगा.
कनिमोझी ने कहा, 'गृहमंत्री साफ करें कि क्या होगा, क्या 2011 के जनसंख्या पर होगा या फिर 50 प्रतिशत सीटें बढ़ेंगी. उन्होंने कहा, डीएमके यहां विरोध के लिए नहीं है, डीएमके यहां डिमांड करने आई है कि 543 सीटों में रोटेशन पर रिजर्वेशन लागू किया जाए और डिलिमिटेशन को डीलिंक किया जाए.'
सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा,'भाजपा को समझना मुश्किल है, भाजपा के फैसलों को समझना मुश्किल है. जब लोगों से कहा गया कि उनका SIR होगा तो SIR के बहाने NRC कर रहे थे अगर भविष्य में NRC होगी तो ये कौन से नए कागज मांगेंगे. यूपी में हमने देखा SIR के बहाने NRC कर रहे थे, अब महिला आरक्षण के बहाने ये अपने मन मर्जी परिसीमन करके जिससे ये कभी हारे नहीं. ये जनता देख रही है जब कभी भाजपा मतदान के लिए जाएगी तो ये बुरी तरह हारेगी.'
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, 'डिलिमिटेशन कमीशन के कामों को चैलेंज नहीं किया जा सकता है. सदन में बढ़ी हुई संख्या के बाद प्रश्नकाल, और जीरो ऑवर को बढ़ाना पड़ेगा, लेकिन अगर देखा जाए तो वर्किंग ऑवर लगातार कम हो गए हैं, सदन की सिटिंग कम हो गई है.' उन्होंने कहा, 'लोकसभा की सीटों को बढ़ाने की बात तो की गई है, लेकिन राज्यसभा के बारे में कोई जिक्र नहीं है. संयुक्त सदन की स्थिति में राज्यसभा के सदस्यों का क्या होगा, अपर हाउस में स्टेट्स का रेप्रेसेंटेशन होता है, सोचिए स्टेट्स का क्या होगा.'
भाजपा नेता रेखा शर्मा ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के लिए संसद के विशेष सत्र पर कहा, "विपक्ष हमेशा बहाना ढूंढती है इस बार भी परिसीमन का बहाना ढूंढ रही है 30 साल से तो वो बहाना ही ढूंढते आए हैं. कभी जाति और धर्म में बंटवारा ये कोई न कोई बहाना ढूंढते हैं. मुझे यकीन है कि ये बिल पास होगा और ये बिल कल पास भी हो जाएगा. 2029 में 33% महिलाएं लोकसभा में होंगी."
डीएमके सांसद कनिमोझी ने आरोप लगाया कि बीजेपी महिलाओं को ढाल के तौर पर इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा, 'उत्तर भारत के राज्यों को सीटों की बढ़ोत्तरी के बाद दो तिहाई सीटें हो जाएंगी, जिससे दक्षिण भारतीय राज्यों और बंगाल की बात रखने की क्षमता कम हो जाएगी.'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसद हरिवंश को डिप्टी स्पीकर बनने की बधाई दी. पीएम मोदी ने कहा, 'मैं हरिवंश जी को बहुत बहुत बधाई देता हूं और शुभकामनाएं भी देता हूं. राज्यसभा उपसभापति के रूप में लगातार तीसरी बार निर्वाचित होना ये अपने आप में इस सदन का आपके प्रति जो गहरा विश्वास है और बीते हुए काल खंड में आपके अनुभव का जो लाभ मिला है, सबको साथ लेकर चलने का आपका जो प्रयास रहा है उसको एक प्रकार से सदन ने आज मुहर लगा दी है.'
राज्यसभा सांसद हरिवंश तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हरिवंश को डिप्टी स्पीकर बनने की बधाई दी. पीएम मोदी ने कहा, 'हरिवंश जी के अनुभव का सदन को लाभ मिलेगा. उन पर सदन का गहरा विश्वास है.'
कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने कहा, 'सरकार बिल को पास नहीं कराना चाहती बिल को पास कराना चाहती तो सर्वदलीय बैठक बुलाती. विपक्ष के दलों से बातचीत करते, कांग्रेस पार्टी की राय लेते और उसके बाद बिल को पास करते. कल (16 अप्रैल) प्रियंका गांधी ने कहा कि आप चाहें तो पूरा श्रेय ले लीजिए लेकिन 543 में से 33% आरक्षण देने में क्या दिक्कत है?'
समाजवादी पार्टी सांसद राजीव राय ने कहा, 'सरकार की छटपटाहट में उल्टी गिनती शुरू हो गई इसलिए इस प्रकार की हरकतें कर रहे हैं. चुनाव के बीच में इस प्रकार का बिल लाना इनकी नियत में खोंट दिखाता है. ये डरे हुए लोग हैं सभी को बेवकूफ बनाना चाहते हैं.'
महिला आरक्षण के लिए ले गए विधेयकों को लेकर विपक्ष के फ्लोर लीडर्स की सुबह 10 बजे संसद भवन में बैठक होगी. कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा, यह तो बिलकुल ही विचित्र है, सितंबर 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम आज से लागू हो गया है, जबकि इसमें संशोधनों पर बहस चल रही है और आज मतदान होगा. मैं पूरी तरह से हैरान हूं.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि गैलरी की बात सदन की चर्चा में नहीं लाई जाती है. उन्होंने गेस्ट गैलरी में बैठी महिलाओं का जिक्र किया था. इस पर सफाई में प्रियंका गांधी ने कहा कि वो अभी नई-नई हैं.
विपक्ष की ओर से लोकतंत्र खत्म करने का आरोप पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया. उन्होंने कहा, 'इस देश से लोकतंत्र खत्म करने की ताकत किसी की भी नहीं है, जिन्होंने प्रयास किया था जनता ने उन्हें खत्म कर दिया.
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, '2029 के पहले कोई चुनाव इसके तहत नहीं होगा. अखिलेश जी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, हालांकि वो जीतेंगे नहीं.
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'देश की जनता में भ्रांति नहीं रहनी चाहिए. सदन में पेश बिलों पर भ्रम फैलाया जा रहा है कि तीनों बिलों को लेकर कि दक्षिण के राज्यों को नुकसान हो जाएगा. बिल जो सदन के सामने और कर्नाटक 28 सीटें हैं, यानि 5.15 प्रतिशत, बिल पारित होने के बाद, कर्नाटक में 28 से बढ़कर 42 सीटें हो जाएगी. आंध्र प्रदेश 4.6 प्रतिशत, 4.65 प्रतिशत हो जाएगी. तेलंगाना- 17 सीटें हैं, जो कि 3.13 प्रतिशत है, बढ़कर 26 सीटें, 3.18 प्रतिशत. तमिलनाडु- 39 सांसद हैं जो 7.18 प्रतिशत, जो कि अब 59 और 7.23 प्रतिशत होगा.'
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर पीएम मोदी के भाषण पर कहा, 'मैंने जब आपत्ति जताई थी तब भी कहा था कि महिला आरक्षण की आड़ में नीयत कुछ और है. इनकी नीयत पूरे देश को असम, कश्मीर बनाने की है, जिस तरह वहां परिसीमन हुआ. महिला आरक्षण बिल पर देश की सभी पार्टियां साथ थी, 2023 में सर्वसम्मति से यह पारित हुआ. आखिर परिसीमन की नई बात क्यों निकलकर आ रही है? सरकार खुद महिलाओं की आड़ में पूरे देश की व्यवस्था को अपनी तरह से चलाना चाहती है जिसका विपक्ष विरोध कर रहा है.'
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, 'पीएम मोदी आए और सिर्फ महिला आरक्षण पर बोलकर चले गए. उनका भाषण पूरा का पूरा ड्रामा था. कांग्रेस ने देश को पहली महिला प्रधानमंत्री दिया.'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर कहा, 'हमारे देश में अनुभवी नारी शक्ति की कोई कमी नहीं है. उनके सामर्थ्य में कोई कमी नहीं है, हम भरोसा कर रहे हैं कि वे योगदान देंगी और बहुत अच्छा योगदान देंगी.'
पीएम मोदी ने कहा, 'देश में करीब 650+ जिला पंचायतें हैं. करीब पौने तीन सौ महिलाएं उसका नेतृत्व करती हैं. एक कैबिनेट मीनिस्टर से ज्यादा जिम्मेदारी होती है उन पर, काम करती हैं वो. करीब 6,700 ब्लॉक पंचायतों में से करीब 2700 से अधिक ब्लॉक पंचायतें ऐसी हैं, जिनका नेतृत्व महिलाओं के हाथ में हैं. आज देश में 900+ शहरों में अर्बन लोकल बॉडीज की हेड के रूप में बहनें कार्यरत हैं. मैं मानता हूं, आज देश जो प्रगति कर रहा है, इनका भी महत्वपूर्ण योगदान है, इस ऋण को हमें स्वीकार करना चाहिए.'
पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, 'कुछ लोगों को लगता है, इससे कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है. अगर इसका विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा, अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नुकसान नहीं होगा.' उन्होंने कहा, 'हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही बिल पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं. सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं.'
पीएम मोदी ने कहा, 'अगर आप मुझसे गारंटी शब्द का इस्तेमाल करने को कहते हैं तो मैं गारंटी शब्द का इस्तेमाल करता हूं. अगर आप मुझसे कोई वादा करने को कहते हैं, तो मैं वादा शब्द का इस्तेमाल करता हूं. क्योंकि जब इरादा स्पष्ट होता है, तो शब्दों से खेलने की कोई जरूरत नहीं होती. मैं सदन में अपने साथियों से कहना चाहता हूं कि हमें इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि हम इस देश की महिलाओं को कुछ दे रहे हैं. यह उनका अधिकार है.'
पीएम मोदी ने कहा, '2023 में जब हम इस पर चर्चा कर रहे थे, तब लोग कह रहे थे, जल्दी करो. 2024 में संभव नहीं हो पाया, क्योंकि इतने कम समय में नहीं हो पाता. अब 2029 में हमारे पास समय है, अगर 2029 में भी नहीं करेंगे तो स्थिति क्या बनेगी हम कल्पना कर सकते हैं. समय की मांग है कि अब हम ज्यादा विलंब न करें.'
पीएम मोदी ने कहा, 'आज मैं आपसे अपील करने आया हूं कि इसको राजनीति के तराजू से मत तोलिए, ये राष्ट्रहित का निर्णय है. 2023 में इस नए सदन में हमने सर्वसम्मति से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को स्वीकार किया था. पूरे देश में खुशी का वातावरण बना और उस पर कोई राजनीतिक रंग नहीं लगा, इसलिए ये राजनीतिक मुद्दा नहीं बना. ये अच्छी स्थिति है. अब सवाल ये है कि अब हमें कितने समय तक इसे रोकना होगा?'
लोकसभा में पीएम मोदी ने टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पर तंज कसा. कल्याण बनर्जी की ओर इशारा करते पीएम ने कहा, 'यहां पर बोलने दीजिए. वहां पर मुंह पर ताला लगा हुआ है. क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं.'
पीएम मोदी ने कहा, 'अगर हम सब साथ आ जाते हैं तो इतिहास गवाह है, ये किसी एक के राजनीतिक पक्ष में नहीं जाएगा. ये देश के लोकतंत्र के पक्ष में जाएगा, देश की सामूहिक निर्णय शक्ति के पक्ष में जाएगा और हम सब उस यश के हकदार होंगे. न ट्रेजरी बैंक उसका हकदार होगा और न ही मोदी उसका हकदार होगा. इसलिए जिन किसी को भी इससे राजनीति की बू आ रही है, वो पिछले 30 साल के खुद के परिणामों को देख लें.'
पीएम मोदी ने कहा, 'हम भ्रम में ना रहें, अहंकार में ना रहें कि हम देश की नारी शक्ति को कुच दे रहे हैं जी हीं ये उनका हक है. हमने कई दशकों से उसको रोका हुआ है, उस पाप से मुक्ति पाने का अवसर है.'
पीएम मोदी ने कहा, 'मेरे लिए संविधान ही सर्वोपरि है, संविधान की ताकत है कि अति पिछड़े समाज के आदमी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी है. महिला शक्ति पर भरोसा करना होगा. समय की मांग है कि हम ज्यादा विलंब न करें.'
पीएम मोदी ने कहा, 'आज से पहले जिसने भी विरोध किया, वो राजनीतिक सतह से नीचे नहीं गया. पिछले 25-30 साल पहले महिलाएं बोलती नहीं थीं, आज वो वोकल हैं. महिलाएं कहती हैं कि झाड़ू पोंछा वाले काम में तो जोड़ देते हो, अब हमें निर्णय प्रक्रिया में जोड़ो. राजनीतिक जीवन में जो लोग प्रगति चाहते हैं, उनको ये मानकर चलना पड़ेगा कि पिछले 25-30 सालों में लाखों बहनें ग्रास रूट लेवल पर लीडर बन चुकी हैं.'
पीएम मोदी ने कहा, 'ये 21वीं सदी का सबसे अहम फैसला है. इसमें विपक्ष साथ दें क्योंकि इससे उन्हीं को फायदा होगा. जो आज विरोध करेंगे उन्हें लंबे समय तक कीमत चुकानी पड़ेगी.'
पीएम मोदी ने कहा, 'हमारे देश में महिला आरक्षण की बात की है, उसके बाद जब भी चुनाव हुए हैं और जिन्होंने इसका विरोध किया तो महिलाओं ने माफ नहीं किया. 2024 में सब साथ में थे तो किसी को नुकसान नहीं हुआ. अगर आज भी सब साथ रहेंगे तो किसी के विपक्ष में नहीं जाएगा, सभी उसके फल के हकदार रहेंगे.'
पीएम मोदी ने कहा, 'इस मंथन से जो अमृत निकलेगा, वो देश की राजनीति के रूप स्वरूप को तय करेगा ही देश की दशा और दिशा भी तय करेगा. हम देश को नई दिशा देने जा रहे हैं.'
महिला आरक्षण पर पीएम मोदी ने कहा, 'तथ्य, तर्क से सदन को जानकारी देंगे. ये देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है. ये 20-25 साल पहले ही पास हो जाना चाहिए था.'
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "जब संख्या बढ़ेगी तो उत्तर प्रदेश की विधानसभा की सीटों की संख्या 500 से अधिक होने जा रही है. कहीं कोई ऐसा षड्यंत्र तो नहीं है जो महिला आरक्षण के बहाने छिपाकर आगे बढ़ रहे हैं? उत्तर प्रदेश में 120 सीटें लोकसभा की होने जा रही है. अगर विधानसभा की सीटें 600 हो रही हैं तो कहीं उसमें भी कोई साजिश तो नहीं? 33% सीटें कौन सी होगी? अगर आरक्षण होगा तो महिलाओं के बीच प्रतिस्पर्धा होगी। अगर ये फैसला पार्टी के पास होगा तो महिलाओं की संख्या ज्यादा होगी.'
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "परिसीमन इसलिए है कि चुनावी मानचित्र को बदल दें...हम चाहते हैं कि पहले जनगणना हो... जब सही आंकड़े आ जाएंगे तब परिसीमन हो...आरक्षण ही जनसंख्या पर है. कहीं ऐसा तो नहीं कि आधी आबादी में ये मुस्लिम महिलाओं को न गिनते हों. हमारी मांग होगी कि आधी आबादी में पिछड़े और मुस्लिम महिलाओं को भी जोड़ कर आरक्षण को पूरा किया जाए.
अखिलेश यादव ने कहा, परिसीमन बीजेपी का सबसे बड़ा षडयंत्र है. सपा सांसद ने कहा, पहले जनगणना कराई जाए, उसके बाद परिसीमन शुरू को कराया जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी जातीय जनगणना से बचना चाहती है. अखिलेश ने कहा, 'भाजपा अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं के नारे का इस्तेमाल करना चाहती है, जो पार्टी अपने संगठन में ही महिलाओं को पर्याप्त स्थान नहीं देती, वह उनकी गरिमा और सम्मान कैसे सुनिश्चित करेगी? जिस संगठन से यह पार्टी आती है, उसे पहले यह बताना चाहिए कि उसके यहां कितने महिला अधिकारी उच्च पदों पर हैं.'
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है, हमारा इतिहास रहा है कि हमने महिलाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है. हमारे नेता डॉक्टर राम मनोहर लोहिया ने जेंडर जस्टिस और सोशल जस्टिस के पक्ष में हैं. कहीं न कहीं आरक्षण हमारे पीडीए के आह्वान को मजबूत कर रहा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सत्ता में बने रहने के लिए इस बिल को लेकर आई है. अखिलेश ने कहा, बीजेपी की 21 सरकारें हैं देश भर में, बीजेपी बताए कितनी मुख्यमंत्री महिला हैं. दिल्ली की सीएम हाफ सीएम हैं, महिला होने के नाते हाफ सीएम हैं, क्या उनके पास वो अधिकार हैं जो सीएम के पास होते हैं.
परिसीमन के मुद्दे पर AAP नेता मनीष सिसोदिया ने कहा, "महिला आरक्षण बिल अच्छी सोच है हम सब उसके साथ हैं. आधी आबादी को अधिकार पूर्वक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए. किसी एक व्यक्ति का एकाधिकार नहीं होना चाहिए, लेकिन इसके नाम पर जो ये सीटों की पूरी संरचना छेड़ी जा रही है वो भारत की जनसांख्यिकी के हिसाब से बहुत गलत है. पीएम मोदी का ट्रेंड बन गया है कि अगर वे किसी इलाके से चुनाव नहीं जीत पाते हैं तो वहां से वोट कटवा देते हैं. अब ये नया विधान ला रहे हैं कि जिस जगह हम चुनाव नहीं जीत पा रहे हैं, वहां लोकसभा की सीटें कम कर दो और जिस जगह हम चुनाव जीतते हैं, वहां सीटें बढ़ा दो हम परिसीमन के खिलाफ हैं, इसका तरीका बहुत गलत है..."
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, आप डिलिमिटेशन को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. इसकी मंशा प्रशासनिक सुविधा के लिए थी, लेकिन इस सरकार के द्वारा इसका निजी राजनैतिक अस्त्र के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है.
गौरव गोगोई ने कहा, 'आप बार-बार महिला आरक्षण के रास्ते में बाधाएं खड़ी कर रहे हैं. अगर आपने 2023 में हमारी बात सुनी होती, तो 2024 में महिला आरक्षण लागू हो चुका होता. हम आग्रह कर रहे हैं कि महिला आरक्षण को परिसीमन (डिलिमिटेशन) से न जोड़ा जाए. अगर आप ऐसा करते हैं, तो हम निश्चित रूप से इसका समर्थन करेंगे. यह बिल महिला आरक्षण के लिए नहीं है, बल्कि पीछे के रास्ते से परिसीमन लागू करने के लिए है.'
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में कहा, सरकार का मकसद महिलाओं का प्रतिनधित्व बढ़ाना है. मेघवाल ने कहा, सभी राज्यों की सीटों में 50 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी. लोकसभा की कुल सीटें 815 होंगी. महिलाओं के लिए 272 सीटें आरक्षित हैं. लोकसभा में तीनों बिल पर बोलते हुए, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, 'महिला आरक्षण बिल 2023 में पास हुआ था, जिसमें 2026 के बाद जनगणना और परिसीमन के आधार पर इसके नियमों को लागू करने का प्रावधान है. लोकसभा सदस्यों की संख्या में भी 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी, और इसका मतलब होगा 815 सीटें, जिनमें से 272 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जो सदन की कुल संख्या का एक-तिहाई है. किसी (राज्यों) को कोई नुकसान नहीं होगा, और वे अपनी संख्या बनाए रखेंगे.'
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कहा, 'सभी विपक्षी दलों ने मिलकर तय किया है कि महिला आरक्षण के हम समर्थन में है, हम महिलाओं के लिए आरक्षण चाहते हैं. 2023 में जो प्रस्ताव पारित हुआ था हम उसके साथ हैं लेकिन परिसीमन के जरिए वे इसमें साजिश करके सभी क्षेत्रों को तितर-बितर करना चाहते हैं और संवैधानिक ढांचे को खराब करना चाहते हैं, उसका हम विरोध करते हैं.'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम में भी ये तीनों बिल एक साथ आने थे और सदन ने उनकी सहमति से पास किए आज सुबह वे विरोध करने का तय करके आए हैं इसलिए हर चीज में विरोध किए जा रहे हैं.'
तीनों बिल पर एक साथ चर्चा शुरू करने का प्रस्ताव स्वीकार हुआ है. लोकसभा में तीनों बिल पर कल यानी 17 अप्रैल (शुक्रवार) शाम चार बजे वोटिंग होगी.
सरकार का संविधान संशोधन बिल लाने का प्रस्ताव पास हुआ है. बिल पर चर्चा के लिए 251 वोट पड़े जबकि विरोध में 185 वोट पड़े.
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कहा, 'आज का दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है. हम महिला आरक्षण की मांग बहुत लंबे समय से कर रहे थे. हमारी ये मांग पूरी हो रही है. पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला शक्ति को आरक्षण देने का काम किया जा रहा है. इसके बाद स्थिति बहुत अच्छी हो जाएगी. विपक्ष को इससे(परिसीमन) कोई समस्या नहीं है. कांग्रेस के लिए केवल एक ही परिवार की महिलाएं अहमियत रखती हैं बाकी देश की महिलाएं मायने नहीं रखती और यही हाल अब INDIA गठबंधन का है.'
लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026 पेश करने के कदम के खिलाफ वोटिंग पर ज़ोर दिया है. DMK सांसद टीआर बालू, AIMIM सांसद ओवैसी उन विपक्षी सांसदों में शामिल हैं जो बिल पेश करने का विरोध कर रहे हैं. TMC और CPI-M बिल का विरोध कर रहे हैं.
परिसीमन कानून 2026, 131वां संविधान संशोधन (लोकसभा की सीटें 850 तक करने का प्रस्ताव), केन्द्र शासित प्रदेश क़ानून (संशोधन) इन तीनों बिलों को लोकसभा सदन में स्वीकार करने को लेकर मतदान जारी है. प्रस्ताव पास होने के बाद चर्चा होगी. संविधान संशोधन बिल लाने के पक्ष में 207 और विरोध में 126 वोट पड़े. अभी तक 333 सांसदों ने वोट किया है.
आरजेडी सांसद मीसा भारती ने बिल का विरोध किया. उन्होंने कहा, 'बिना लागू किए ही संशोधन ले आ रहे हैं, डीलिमिटेशन की बात कही जा रही है, और भी बातें कही जा रही है जो अभी मालूम नहीं है, महिला आरक्षण का विरोध नहीं है, लेकिन हमने ये कहा है कि ओबीसी और एससी और एसटी महिलाओं का भी जिक्र हो.'
(AIMIM) सांसद ओवैसी ने बिल का विरोध किया. उन्होंने ओबीसी, मुस्लिमों को कमजोर करने और दक्षिण भारत के राज्यों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया. कहा, 'हिंदी पट्टी में सीटें बढ़ जाएंगी, दक्षिणी राज्यों में सीटों का प्रतिशत घट जाएगा.'
अमित शाह ने कहा, 'कुछ बयान ऐसे दिए गए जो जनता में चिंता पैदा कर सकते हैं. अखिलेश ने कहा कि जनगणना क्यों नहीं हो रही थी. जनगणना का काम शुरू हो चुका है. उन्होंने कहा कि हम जाति जनगणना की मांग करेंगे, सरकार ने जाति की जनगणना का निर्णय ले लिया है और जाति के साथ ही ये जनगणना हो रही है. धर्मेंद्र यादव कह रहे हैं कि कॉलम नहीं है, उन्हें पता होना चाहिए कि अभी घरों की गिनती हो रही है, घरों की जाति नहीं होती है. समाजवादी पार्टी की चले तो घरों की भी जाति तय कर दे. धर्मेंद्र यादव ने मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण की बात करके असंवैधानिक बात की है. संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की मंजूरी नहीं है.'
अखिलेश यादव ने कहा, 'क्या मुस्लिम महिलाएं आधी आबादी में नहीं आती हैं.' अमित शाह ने कहा, 'समाजवादी पार्टी सारी टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कोई आपत्ति नहीं है.'
किरण रिजिजू ने धर्मेंद्र यादव के बयान पर कहा कि 'धर्म के नाम पर आरक्षण नहीं हो सकता, असंवैधानिक बातें न करें. पूरे देश की महिलाओं की बात करें, सिर्फ मुस्लिम महिलाओं की बात क्यों करते हो.' इससे पहले सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, 'जब तक पिछड़े वर्ग और मुस्लिम वर्ग की महिलाएं इसमें शामिल नहीं की जाएंगी, तब तक इसका विरोध करेंगे. बिल को वापस लिया जाए. 2023 के बिल को लागू किया जाए.'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल बिलों की मेरिट पर बात नहीं कर सकते, और वे बिलों को पेश करने पर सिर्फ टेक्निकल ऑब्जेक्शन उठा सकते हैं. केसी वेणुगोपाल ने संविधान (131वां संशोधन) बिल 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026 और डिलिमिटेशन बिल, 2026 को पेश करने का विरोध किया.
समाजवादी पार्टी ने बिल का विरोध किया है. सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, 'महिला बिल की चासनी के नाम पर जो हाल कश्मीर और असम का हुआ है, वही पूरे देश के साथ करने का प्रयास है. हम विपक्ष की ओर से इसका विरोध करेंगे.जब तक पिछड़े वर्ग और मुस्लिम वर्ग की महिलाएं शामिल नहीं की जाएंगी, तब तक इसका विरोध करेंगे. बिल को वापस लिया जाए. 2023 के बिल को लागू किया जाए.'
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने संशोशदन विधेयक पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, बीजेपी संविधान को हाईजैक करना चाहती है. उन्होंने बिल को वापस लेने की मांग की. वहीं, विपक्ष के आरोपों पर केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष के सवालों का जवाब दिया जाएगा.
लोकसभा में तीनों संशोधन बिल (महिला आरक्षण बिल, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) पेश किए गए हैं. कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल 2026 पेश करने का प्रस्ताव रखा. केंद्रीय गृह मंत्री ने केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026 पेश करने का प्रस्ताव रखा. कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने डिलिमिटेशन बिल 2026 पेश करने का प्रस्ताव रखा.
नारी वंदन शक्ति अधिनियम पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'हम लोगों ने पूरी तैयारी की है. आज बहुत अच्छी बहस होगी. मेरा विश्वास है कि हर पार्टी अपना-अपना पक्ष रखेगी. मुख्य मुद्दा यह है कि महिलाओं को आरक्षण देना. लोकसभा और विधानसभाओं में भारत की महिलाओं को 33% आरक्षण देना. सामान्य सीट से भी महिलाएं चुनकर आ सकती हैं, लेकिन 33% आरक्षण देने के बाद भारत के लिए यह ऐतिहासिक हो जाएगा. भारत दुनिया में मिसाल कायम करेगा कि हम महिलाओं के लिए कितना बड़ा कदम उठा रहे हैं. इस पर विरोध होने की आवश्यकता नहीं है. परिसीमन या अन्य विषयों को उठाकर महिला आरक्षण को गिराने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए. परिसीमन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। इससे किसी को नुकसान नहीं है, जो संसद में साफ भी हो जाएगा... चर्चा में सरकार की ओर से सभी बातें खुलकर सामने आएगी लेकिन कुछ पार्टियों ने दक्षिण भारत में परिसीमन के संबंध में गलत संदेश फैलाने का प्रयास किया है, मेरी उनसे अपील है कि वे ऐसा न करें.'
शिवसेना(UBT) सांसद संजय राउत ने कहा, 'कल विपक्षी दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक नेता प्रतिपक्ष(राज्यसभा) मल्लिकार्जुन खरगे के निवास स्थान पर आयोजित हुई, उसमें राहुल गांधी भी उपस्थित थे. हमारी पार्टी का महिला आरक्षण को लेकर कोई विरोध नहीं है लेकिन जिस तरह से भाजपा इस बिल की आड़ में अपना राजनीतिक खेल कर रही है, उस पर हमारा विरोध है. आपको अपने हिसाब से आंकड़े बनाने हैं, परिसीमन करना है और राजनीति करनी है. आपको नारी शक्ति बिल का नाम बदलकर भाजपा शक्ति बिल कर देना चाहिए.'
महिला आरक्षण बिल पर समाजवादी पार्टी ने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं. रामगोपाल यादव ने साफ कहा है कि सपा महिला आरक्षण का समर्थन कर रही थी, लेकिन अब जिस तरह से वो इसे लेकर आ रहे हैं, ये उनकी बदनीयती है. हम इसका विरोध करेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, "आज से संसद के विशेष सत्र में हमारा देश महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है. हमारी माताओं और बहनों का सम्मान ही देश का सम्मान है, और इसी भावना के साथ, हम इस दिशा में पक्के इरादे से आगे बढ़ रहे हैं.'
महिला आरक्षण बिल पर अभिनेत्री सोनल चौहान ने कहा, '...मैं इसका समर्थन करती हूं...हमारा देश विकास कर रहा है और मुझे यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि महिलाएं भी इसमें बड़ी भूमिका निभा रही हैं...'
केंद्रीय मंत्रिमंडल से पिछले बुधवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के मसौदे को मंजूरी दे दी है, जिससे 2029 चुनावों से पहले महिलाओं को 33% आरक्षण लागू हो सके. प्रस्ताव में लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 816 करने और 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने की बात शामिल है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए कहा कि इससे भारतीय लोकतंत्र और अधिक सशक्त, जीवंत और सहभागितापूर्ण बनेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दिशा में किसी भी तरह की देरी दुर्भाग्यपूर्ण होगी। अपने एक लेख का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल करने के लिए देश को ‘नारी शक्ति’ और ‘मातृ शक्ति’ की पूरी क्षमता को राष्ट्र निर्माण में शामिल करना होगा.
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी दो दशक से अधिक के शासन अनुभव से यह साफ है कि महिलाओं की भागीदारी के बिना विकास का लक्ष्य अधूरा रहेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव तक महिलाओं को संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए. इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों से बातचीत जारी है और अधिकांश दलों का सकारात्मक समर्थन मिल रहा है, जिससे एक अनुकूल माहौल बनता दिख रहा है.
उन्होंने अपील की कि 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद में होने वाली चर्चा के दौरान सभी दल मिलकर इस ऐतिहासिक कदम को पारित करें और इसे एक साझा उपलब्धि के रूप में मनाएं.
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