पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले हलचल बढ़ गई है. बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस्तीफा दे दिया है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस के इस्तीफे पर हैरान जताई. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुष्टि की कि बोस के इस्तीफा देने के बाद तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सभालेंगे.
ममता बनर्जी ने दी बोस के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने लिखा, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बोस के अचानक इस्तीफे की खबर से मैं स्तब्ध और बेहद चिंतित हूं. उनके इस्तीफे की वजह मुझे नहीं पता है. हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए, मुझे आश्चर्य नहीं होगा यदि आगामी राज्य विधानसभा चुनावों की पूर्व संध्या पर केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा राज्यपाल पर कुछ राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए दबाव डाला गया हो.'
उन्होंने कहा, 'केंद्रीय गृह मंत्री ने मुझे सूचित किया है कि आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया जा रहा है. ममता बनर्जी ने कहा, उन्होंने (अमित शाह) इस संबंध में स्थापित परंपरा के अनुसार मुझसे परामर्श नहीं किया. ऐसे कदम भारत के संविधान की भावना को कमजोर करते हैं और हमारी संघीय संरचना की नींव पर प्रहार करते हैं. केंद्र को सहकारी संघवाद के सिद्धांतों का सम्मान करना चाहिए और ऐसे एकतरफा निर्णय लेने से बचना चाहिए जो लोकतांत्रिक परंपराओं और राज्यों की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं.'
नवंबर 2022 में बने थे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल
डॉ. सीवी आनंद बोस को 17 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था. उनसे पहले मणिपुर के तत्कालीन राज्यपाल ला गणेशन बतौर अतिरिक्त प्रभार पश्चिम बंगाल के गवर्नर का कामकाज संभाल रहे थे. बोस को पश्चिम बंगाल का गवर्नर तब बनाया गया था, जब तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ भारत के उपराष्ट्रपति चुने गए थे.
कौन हैं सीवी आनंद बोस?
सीवी आनंद बोस 1977 बैच के आईएएस अफसर हैं, वह केरल के कोट्टायम जिले के रहने वाले हैं. वह लेखक भी है, उनकी अंग्रेजी, मलयालम और हिंदी में करीब 40 पुस्तकें प्रकाशित की हैं. उनको जवाहरलाल नेहरू फैलोशिप से सम्मानित किया जा चुका है. बोस उस कार्यकारी ग्रुप के अध्यक्ष थे, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के लिए विकास एजेंडा तैयार किया था. मोदी सरकार ने "सभी के लिए किफायती आवास" के उनके कॉन्सेप्ट को अपनाया गया था.
