नई दिल्ली: क्या योगी सरकार आने वाले दिनों में कैबिनेट का विस्तार करेगी या फिर अगले साल की शुरुआत में होने वाले चुनाव को लेकर अभी से बीजेपी ने महामंथन शुरू कर दिया है? दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को दिल्ली पहुंचे. इसके बाद उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. यह मुलाकात करीब डेढ़ घंटे लंबी रही.


योगी आदित्यनाथ अमित शाह के आवास पर मौजूद ही थे कि अपना दल की प्रमुख अनुप्रिया पटेल भी आवास पर पहुंचीं. उन्होंने अमित शाह के साथ बैठक की. शाह और पटेल की मुलाकात को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सहयोगी दलों को साधने के बीजेपी के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. पटेल प्रधानमंत्री मोदी के पहले कार्यकाल में केंद्र सरकार में मंत्री थी लेकिन दूसरी बार जब वह प्रधानमंत्री बनें तो उन्होंने अपना दल की नेता को अपने मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी.




शाह ने ने ट्वीट कर आदित्यनाथ और पटेल से मुलाकात की जानकारी दी और तस्वीरें भी साझा की है. वहीं योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात के बाद ट्वीट किया, ‘‘आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया. भेंट हेतु अपना बहुमूल्य समय प्रदान करने के लिए गृह मंत्री का हार्दिक आभार.’’


इस ट्वीट के साथ आदित्यनाथ ने एक तस्वीर भी साझा की जिसमें वह शाह को ‘‘प्रवासी संकट का समाधान’’ रिपोर्ट की एक प्रति सौंपते दिख रहे हैं.






अमित शाह ने देर शाम को निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ संजय निषाद से भी मुलाक़ात की. सूत्रों के मुताबिक, निषाद पार्टी केंद्र और यूपी में मंत्री पद की मांग कर रही है. डॉ संजय निषाद एमएलसी बन मंत्री बनना चाहते हैं. 




कल पीएम से मिलेंगे योगी
योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात करेंगे. अभी कुछ दिन पहले ही भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी एल संतोष और पार्टी के प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह ने लखनऊ का दौरा किया था और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों की समीक्षा की थी. दोनों नेताओं ने इस दौरान राज्य सरकार के मंत्रियों और संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों से मुलाकात की थी.


कैबिनेट विस्तार की अटकलें
इसके बाद आदित्यनाथ के अचानक दिल्ली पहुंचने और केंद्रीय नेताओं से मुलाकात करने के बाद एक बार फिर राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई है. इन अटकलों को तब और बल मिला जब सूत्रों ने दावा किया कि नड्डा ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की और एक दिन पहले ही भाजपा में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से मिले. प्रसाद ने हालांकि इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट करार दिया.


हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और विधान परिषद के सदस्य ए के शर्मा भी दिल्ली में हैं. सूत्रों का कहना है कि उन्होंने पार्टी के कुछ केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की. शर्मा को प्रधानमंत्री मोदी का करीबी समझा जाता है.


मुलाकातों के इस दौर के बारे में बीजेपी नेताओं या पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कोई आधिकारिक जानकारी तो नहीं दी लेकिन सूत्रों ने दावा किया कि यह कवायद प्रसाद और शर्मा सहित कुछ अन्य नेताओं को उत्तर प्रदेश सरकार में शामिल किए जाने को लेकर है. प्रसाद राज्य के जानेमाने ब्राह्मण परिवार से हैं तो शर्मा भूमिहार बिरादरी से संबंध रखते हैं.