तमिलनाडु बीजेपी नेता के. अन्नामलाई ने मंगलवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE के हालिया नोटिफिकेशन की आलोचना की है. इस नोटिफिकेशन में सीबीएसई स्कूलों में 9वीं क्लास के छात्रों के लिए तीसरी भाषा को अनिवार्य कर दिया गया है. 

Continues below advertisement

अन्नामलाई ने कहा है कि इस कदम से छात्रों पर पढ़ाई का बेवजह बोझ पड़ेगा. साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से इस नोटिफिकेशन को वापस लेने की अपील की है. तमिलनाडु में इस नोटिफिकेशन की आलोचना हो रही है. इसे हिंदी थोपने की कथित कोशिश भर माना जा रहा है.

अन्नामलाई का मानना है कि तीसरी भाषा से मेंटल प्रेशर पड़ेगा

Continues below advertisement

इस पूरे मामले अन्नामलाई का मानना है कि बीच शैक्षणिक सत्र में नौवीं कक्षा के छात्रों को तीसरी भाषा को बोझ डालना ठीक नहीं है. इससे उनपर मेंटल प्रेशर पड़ेगा. उनका शैक्षणिक प्रदर्शन बिगड़ सकता है. अगर छात्रों ने 6वीं कक्षा में अपनी मनपसंद भाषा का चयन कर लिया तो ऐसे में 9वीं में बदलाव करना मुश्किल में डाल सकता है. 

अन्नामलाई ने पिछली नीति की वकालत करते हुए कहा है कि नौवीं कक्षा में तीन भाषा नियम का विरोध किया है.लेकिन अप्रैल में सीबीएसई की तरफ से लागू कक्षा 6 से तीन भाषाओं को अनिवार्य करने की घोषणा का समर्थन किया था.

ये भी पढ़ें : Explained: हाई-लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंज कितनी खतरनाक? जहां जनसंख्या में अचानक बदलाव, वहां करेगी जांच! घुसपैठिए पहला टारगेट

क्या है सीबीएसई का फैसला ?

इससे पहले एक जुलाई 2026 से 9वीं क्लास के लिए तीन भाषाओं जिनमें (R1 R2 R3)की पढ़ाई अनिवार्य होगी. इनमें से कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की होनी चाहिए. जो छात्र कोई विदेशी भाषा को पढ़ना चाहते हैं, वे ऐसा तीसरी भाषा के तौर पर तभी कर सकते हैं. जबकि उनकी बाकी दो भाषाएं भारतीय मूल की हों या फिर वे इसे चौथी अतिरिक्त भाषा के तौर पर पढ़ रहे हों.  इस पूरी योजना की विस्तृत जानकारी www.cbseacademic.nic.in पर उपलब्ध है.

जम्मू-कश्मीर पर बयान देने वाले चीन-पाकिस्तान को भारत की लताड़, CPEC पर दिखाया आईना