नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साफ कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र है क्योंकि हिंदुत्व भारत की रग-रग में है. और जब तक इस देश में एक भी हिंदू है तब तक भारत हिंदू राष्ट्र ही रहेगा. उन्होंने डॉ हेडगेवार का उदाहरण देते हुए भी कहा डॉ हेडगेवार ने कहा था भारत हिंदू राष्ट्र है. इस तथ्य के अलावा कुछ भी बदल सकता है.
दरअसल संघ प्रमुख अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री सुनील अंबेकर की किताब दी आरएसएस रोडमैप्स फॉर 21 सेंचुरी का विमोचन करने आए थे. दिल्ली के अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में संघ प्रमुख ने किताब का विमोचन किया और इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित भी किया.
संघ प्रमुख ने कहा कि किताब का नाम भी आरएसएस रोडमैप्स किया गया है. सभी स्वयंसेवक संघ के प्रति अपनी जिम्मेदारी रखते हैं. संघ के स्वयंसेवक अपना स्वतंत्र मत भी रख सकते हैं. रखते भी हैं, लेकिन सहमति के बाद ही वह अपना मत रखते हैं क्योंकि संघ में सहमति से ही सबकुछ चलता है. इसके लिये कोई दबाव भी नहीं होता है.
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अपनी बात रखने के लिए सब लोग स्वतंत्र हैं लेकिन संघ की परंपरा है कि हर छोटे-बड़े विषय में सहमति लेनी जरूरी होती है. संघ प्रमुख ने किताब की प्रामाणिकता पर भी मुहर लगाते हुए कहा कि सुनील आंबेकर ने जो लिखा है, अपने अनुभव के आधार पर उससे मैं सहमत हूं.
सामाजिक ढांचे पर बातचीत करते हुए संघ प्रमुख ने कहा संघ चाहता है इस देश में हर वर्ग के लोग एक समाज में रहे, एक होकर रहें. जो भी इस देश को मानता है इस देश के प्रति अपनी अच्छी भावना रखता है, वह संघ के विचारों को भी मानता है. क्योंकि संघ भी वही चाहता है.
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उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है. इसे बार-बार कहने यह समझने की जरूरत नहीं. दुनिया में भारत ही है जो हिंदुत्व के हिसाब से चलता है. संघ के कामकाज का जिक्र करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि संघ को समझना है तो संघ के अंदर आना पड़ेगा. कम से कम 2 से ढाई साल तो बिताना ही चाहिए. तब जाकर आपकी कुछ राय बनेगी. आप संघ को समझ पाए या ना पाएं लेकिन संघ के प्रति आपकी गलतफहमी जरूर दूर हो जाएगी.
तथाकथित संघ विचारकों पर भी बोला हमला
संघ प्रमुख ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा आजकल देखता हूं बहुत से संघ विचारक और संघ के जानकार बोलते दिखाई पड़ते हैं. यह लोग कहां से आ गए पता नहीं, क्योंकि 30 साल का सफर तय करने के बाद भी डॉ हेडगेवार ने कहा था कि मैं समझ नहीं पाया संघ में है क्या. जब डॉक्टर हेडगेवार 30 साल में जो चीज नहीं समझ पाए वह बातें यह संघ विचारक कैसे समझ जाते हैं? यह मेरी समझ से परे है.
किताब के विमोचन के मौके पर संघ प्रमुख के अलावा कई महत्वपूर्ण लोग उपस्थित रहे. अति विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन के अलावा कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी, संजीव बालियान, प्रहलाद पटेल, थावरचंद गहलोत, पूर्व भाजपा संगठन मंत्री रामलाल, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, प्रचार प्रमुख अरुण कुमार व अन्य लोग मौजूद रहे.