Tajinder Bagga Arrest: बीजेपी नेता तेजिंदर बग्गा की गिरफ्तारी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. अब बीजेपी इस मुद्दे के सहारे केजरीवाल सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है. वहीं ये भी आरोप लगाया गया था कि पंजाब पुलिस जब बग्गा को गिरफ्तार करने पहुंची तो उन्होंने सिख धर्म का अपमान किया. अब इस मामले को लेकर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखी है. 


14 मई तक सौंपनी होगी रिपोर्ट
गिरफ्तारी के दौरान बग्गा को पगड़ी ना पहनने देने पर पंजाब सरकार से राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने रिपोर्ट तलब की है. आयोग ने 14 मई तक रिपोर्ट सौंपने को कहा है. साथ ही कहा है कि ये एक गंभीर धार्मिक अधिकारों के हनन का मामला है, ये एक सिख व्यक्ति से जुड़ा मामला है. 


ऐसे हुई थी बग्गा की गिरफ्तारी
बता दें कि भाजपा की दिल्ली इकाई के नेता बग्गा को पंजाब पुलिस ने 5 मई को उनके घर से गिरफ्तार किया था, जिन्हें पंजाब ले जाते समय हरियाणा में रोक दिया गया और घंटों बाद दिल्ली पुलिस उन्हें वापस राष्ट्रीय राजधानी लाई. इस घटना को लेकर राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. 


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भाजपा ने पंजाब पुलिस पर अपने नेता का ‘‘अपहरण’ करने का आरोप लगाया है. बग्गा, अरविंद केजरीवाल की मुखर आलोचक रहे हैं और उन्होंने आप प्रमुख पर राज्य पुलिस के जरिये बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया है. आप ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बग्गा को पंजाब में सांप्रदायिक तनाव भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. वहीं, दिल्ली पुलिस ने बग्गा के पिता प्रीतपाल सिंह की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज किया. 


तेजिंदर बग्गा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि उनके खिलाफ मोहाली कोर्ट ने अरेस्ट वारंट जारी किया है. मोहाली कोर्ट की तरफ से जारी वारंट में कहा गया है कि बग्गा को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया जाए. जिसके बाद पुलिस एक बार फिर बग्गा को गिरफ्तार करने पहुंच सकती है. 


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