महाराष्ट्र: किसानों की हड़ताल ने बढ़ाए सब्जियों के दाम, ₹100 तक मिल रहा है एक बंडल धनिया
एबीपी न्यूज़/एजेंसी | 05 Jun 2017 08:46 AM (IST)
मुंबई: महाराष्ट्र में किसानों का प्रदर्शन लगातार आज पांचवे दिन भी जारी है. जिससे सब्जियों और दूध की आपूर्ति पर काफी असर हो रहा है. किसान संगठनों को का कहना है कि वे आज पांचवें दिन मुंबई सहित ‘महाराष्ट्र बंद’ करने जा रहे हैं. किसानों के इस आंदोलन ने सब्जियों के दाम पर बुरा असर डाला है. हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि अब एक बंडल धनिया सौ रुपए तक मिल रहा है.
महाराष्ट्र में बीजेपी की गठबंधन सहयोगी शिवसेना ने भी ‘बंद’ के आह्वान को अपना समर्थन दिया है. नासिक और अहमदनगर जैसे प्रमुख उत्पाद केन्द्रों से आपूर्ति में काफी कमी आने के कारण मुंबई सहित शहरों में सब्जियों और फलों के दामों में काफी बढ़ोतरी हुई है.
असर: मंडियों में बढ़ने लगे सब्जियों के दाम
मंडी में सब्जियों की कमी से कई चीजों के दाम अब बढ़ने लगे हैं. मुंबई की थोक मंडी में एक किलो आलू की कीमत 12 रुपये से बढ़कर 15 रुपये और एक किलो प्याज की कीमत 10 रुपये से बढ़कर 14 रुपये हो गई है. भिंडी के दाम दोगुने हो गए हैं. बैंगन का दाम भी 40 रुपये से बढ़कर 100 रुपये हो गया है.
जानें क्या है किसानों की मांग ? किसानों की मांग है कि राज्य में किसानों के कर्ज माफ किए जाएं, स्वामीनाथन कमीशन की सिफारिशें लागू की जाएं, स्वामीनाथन कमीशन की सिफारिशों में किसानों को उनकी उपज की लागत से डेढ़ गुना ज्यादा देने और फसल लागत मूल्य से 50 फीसदी अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य देने जैसी सिफारिशें शामिल हैं. इसके अलावा किसानों की मांग है कि खेती के लिए बिना ब्याज के कर्ज मिले. 60 साल के किसानों के लिए पेंशन स्कीम लागू की जाए और एक लीटर दूध के लिए दुग्ध उत्पादकों को 50 रुपये कीमत मिले.
एक जून से आंदोलन कर रहे हैं किसान
खेती के कर्ज से छूट और कम दाम में बिजली जैसी अन्य मांगों को लेकर एक जून से आंदोलन कर रहे किसानों के आंदोलन का आज पांचवां दिन है. नासिक और अहमदनगर सहित महाराष्ट्र विरोध का प्रमुख केन्द्र बन गया है. आंदोलन की अगुवाई कर रहे किसान क्रांति मोर्चे (केकेएम) और राज्य के विभिन्न हिस्सों के किसान प्रतिनिधियों की नासिक की कृषि उत्पाद बाजार समिति में बैठक हुई.
पांच जून को बुलाया महाराष्ट्र बंद
नाराज किसानों ने 5 जून को मुंबई छोड़कर पूरे महाराष्ट्र में बंद का ऐलान का किया है. हडताली किसान सरकारी दफ्तरों, विधायक और सांसद के दफ्तरों पर तालाबंदी भी करेंगे. ऐसे में अगले कुछ दिनों में न सिर्फ सरकार की बल्कि आम जनता की मुसीबत भी बढ़ने वाली है.