अजित पवार पर BJP के अंदर से उठी आवाज, खड़से बोले- घोटाले के आरोपी से नहीं लेना चाहिए था समर्थन
LIVE Updates: महाराष्ट्र में एक बार फिर ठाकरे आला रे की गूंज सुनाई दे रही है. फडणवीस सरकार गिरने के बाद अब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में बनेगी सरकार,कल शाम 6.40 बजे होगा शपथग्रहण. 20 साल बाद शिवसेना से कोई सीएम की कुर्सी पर बैठेगा. इससे भी अहम बात ये है कि पहली बार ठाकरे परिवार को कोई सदस्य राज्य की कमान संभालेगा.
ABP News BureauLast Updated: 27 Nov 2019 03:35 PM

बैकग्राउंड
महाराष्ट्र के सियासी ड्रामे का दी एंड होते ही, शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र की राजनीति के हीरो बनकर उभरे हैं. 20 साल बाद शिवसेना से कोई सीएम की कुर्सी...More
महाराष्ट्र के सियासी ड्रामे का दी एंड होते ही, शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र की राजनीति के हीरो बनकर उभरे हैं. 20 साल बाद शिवसेना से कोई सीएम की कुर्सी पर बैठेगा. इससे भी अहम बात ये है कि पहली बार ठाकरे परिवार को कोई सदस्य राज्य की कमान संभालेगा. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे 28 नवंबर को ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. 28 नवंबर को शाम पांच बजे से शपथ ग्रहण का ये समारोह शुरू हो जाएगा. देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे के बाद कल राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कालिदास कोलंबकर को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया और राजभवन में शपथ दिलाई. इसके साथ ही राज्यपाल ने आज सुबह आठ बजे विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था. इसमें महाराष्ट्र के सभी नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलायी गई. कल शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने राज्य के डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने 23 नवंबर को बीजेपी को समर्थन दे दिया था. जिसके बाद उसी दिन देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. लेकिन करीब 80 घंटों के भीतर ही फडणवीस की सरकार गिर गई. अजित पवार के इस्तीफे के बाद देवेंद्र फडणवीस ने भी राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को अपना इस्तीफा सौंप दिया. फडणवीस ने शिवसेना पर मौकापरस्ती और हॉर्स ट्रेडिंग करने के आरोप भी लगाए.
सरकार के लिए अजित पवार से समर्थन लेने पर पहली बार बीजेपी के अंदर से विरोध की आवाज उठी है. महाराष्ट्र बीजेपी के दिग्गज नेता एकनाथ खडसे ने कहा है कि बीजेपी को अजित पवार का समर्थन नहीं लेना चाहिए था. एकनाथ खडसे ने कहा है कि अजित पवार पर घोटाले के गंभीर आरोप थे, ऐसे में ये फैसला ठीक नहीं था.