Live Updates: चीन ने अपनी कंपनियों को भारत से काम समेटने के लिए कहा-ग्लोबल टाइम्स का दावा
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों देश आपस में बातचीत के जरिए मामला सुलझाने को तैयार है.दोनो पक्ष सीमा पर तनाव कम करने के लिए तैयार हो गए हैं.
एबीपी न्यूज़Last Updated: 18 Jun 2020 11:11 PM

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नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में सोमवार रात गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैनिक शहीद हो गए. इस घटना...More
नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में सोमवार रात गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैनिक शहीद हो गए. इस घटना के बाद पूरे देश में शोक की लहर है.हर तरफ से चीन को मुहतोड़ जवाब देने की मांग की जा रही है. पूरा देश राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने के लिए श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है. पीएम मोदी ने कहा- कहा- हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा दिल्ली- 20 जवानों के बलिदान पर प्रधानमंत्री मोदी ने दिलाया देश को भरोसा, कहा- हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, 19 जून को करेंगे सर्वदलीय बैठक- भारत और चीन के सैनिकों के बीच लद्दाख की गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद बुधवार को पीएम मोदी ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ‘‘जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. देश की संप्रभुता सर्वोच्च है. देश की सुरक्षा करने से हमें कोई भी रोक नहीं सकता. इस बारे में किसी को भी जरा भी भ्रम या संदेह नहीं होना चाहिए.’’ प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘‘भारत शांति चाहता है, लेकिन भारत उकसाने पर हर हाल में यथोचित जवाब देने में सक्षम में है. हमारे दिवंगत शहीद वीर जवानों के विषय में देश को इस बात का गर्व होगा कि वे मारते-मारते मरे हैं. मेरा आप सभी से, सभी मुख्यमंत्रियों से आग्रह है कि हम खड़े होकर दो मिनट मौन रखकर इन वीर सपूतों काे पहले श्रद्धांजलि देंगे. फिर मीटिंग को आगे बढ़ाएंगे.’’प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जून को इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है. शहीदों की जानकारी- 1. कर्नल संतोष बाबू- तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद स्थित उनके घर पार्थिव शरीर भेजा जाएगा. अंतिम संस्कार आज होगा 2. हवलदार के. पलनी- तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के Kadukkaloor गांव के रहने वाले थे. अंतिम संस्कार आज होगा 3. हवलदार सुनील कुमार- बिहार के पटना जिले के बिहटा के पास तारानगर गांव में परिवार रहता है. अंतिम संस्कार आज होगा 4. सिपाही चंदन कुमार- बिहार के भोजपुर जिले के ज्ञानपुरा गांव के रहने वाले थे. 5. सिपाही अमन कुमार- बिहार के समस्तीपुर के सुल्तानपुरपुरब गांव के रहने वाले थे. 6. सिपाही जयकिशोर सिंह- बिहार के वैशाली जिले के चाकाफाथ गांव के रहने वाले थे. 7. सिपाही कुंदन कुमार- बिहार के सहरसा जिले के आरन गांव के रहने वाले थे. 8. नायब सूबेदार/AIG मनदीप सिंह- पंजाब के पटियाला जिले के सील गांव के रहने वाले थे. 9. नायब सूबेदार (ड्राइवर)– पंजाब के गुरदासपुर के Vhoj-raj के रहने वाले थे. 10. सिपाही गुरबिंदर- पंजाब के संगरुर जिले के तोतावाल गांव के रहने वाले थे. 11. सिपाही गुरतेज- पंजाब के मानसा जिले के Birewala Dagon गांव के रहने वाले थे. 12. सिपाही राजेश ओरांग- पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बेलगोरिया गांव के रहने वाले थे. 13. हवलदार बिपुल रॉय- पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के बिंदीपाडा गांव के रहने वाले थे. पत्नी और 5 साल की बेटी मेरठ में रहते हैं 14. सिपाही कुंदन कुमार ओझा- झारखंड के साहिबगंज जिले के दिहारी गांव के रहने वाले थे. 15. सिपाही गणेश हांदसा- झारखंड के पूर्वी सिंघभूम जिले के कशाफलिया गांव के रहने वाले थे. 16. सिपाही चंद्रकांत प्रधान- ओडिशा के कंधमाल जिले के BeariPanga गांव के रहने वाल थे. 17. नायब सूबेदार नुंदुराम सोरेन- ओडिशा के मयूरभंज जिले के Badachampauda गांव रहने वाले थे. 18. सिपाही गणेश राम- छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के गिडहाली गांव के रहने वाले थे. 19. सिपाही अंकुश- हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के करोहटा गांव के रहने वाले थे. 20. नायक (NA) दीपक सिंह- मध्य प्रदेश के रीवा जिले के फरांदा गांव के रहने वाले थे. गलवान घाटी में झड़प : थल सेना, नौसेना, वायु सेना ने बढ़ाई चौकसी, एलएसी पर हाई अलर्टभारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थाई सदस्य के तौर पर आठवीं बार चुना गया, 192 में से 184 वोट मिले
लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैन्यकर्मियों के शहीद होने के बाद देश में चीनी निर्मित उत्पादों के बहिष्कार के आह्वान का सिलसिला जोर पकड़ता जा रहा है. दो केन्द्रीय मंत्रियों ने गुरुवार को लोगों से चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील की तो वहीं रेलवे ने सिग्नल एवं दूरसंचार के काम में धीमी प्रगति के कारण 471 करोड़ रुपये का चीन की एक कंपनी का ठेका रद्द करने का निर्णय लिया है. मालगाड़ियों की आवाजाही के लिये समर्पित इस खंड ‘ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर’ के सिग्नल व दूरसंचार का काम रेलवे ने 2016 में चीन की कंपनी बीजिंग नेशनल रेलवे रिसर्च एंड डिजायन इंस्टीट्यूट को दिया था. केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने बृहस्पतिवार को लोगों से चीन के उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील की. इसके साथ ही उन्होंने अपने मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कार्यालय में दैनिक इस्तेमाल के लिए कोई भी चीनी उत्पाद नहीं खरीदें.