Karnataka Hijab Case in High Court: कर्नाटकहिजाब मामलेपर आजमंगलवारको भीहाईकोर्टमेंसुनवाईहोगी. कर्नाटक हाईकोर्ट में सुनवाई दोपहर 2.30 बजे शुरु होगी. इससे पहले सोमवार को जस्टिसकृष्णादीक्षितकीसिंगलबेंचनेमामलेकीसुनवाईकीथी. जस्टिसदीक्षितनेइसमामलेकोहाईकोर्ट के तीनजजोंकीबड़ीबेंचकेपासभेजदिया. हाईकोर्ट में कहा कि सरकार सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की आड़ में मौलिक अधिकारों को प्रतिबंधित नहीं कर सकती है.

सोमवार को सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने कहा कि कॉलेज विकास समिति (सीडीसी) के पास वर्दी पर नियम बनाने के लिए कोई कानूनी वैधानिक आधार नहीं है. हिजाब पहनना इस्लामी आस्था का एक अनिवार्य अभ्यास है. जहां तक मुख्य धार्मिक प्रथाओं का संबंध हैवे अनुच्छेद 25(1) से आते हैं और यह पूर्ण नहीं है.

सुनवाई के दौरान एक वकील ने मुद्दे पर मीडिया और सोशल मीडिया टिप्पणियों को प्रतिबंधित करने के लिए एक आवेदन का उल्लेख करते हुए कहा कि क्योंकि अन्य राज्यों में चुनाव चल रहे हैं इस वजह से चुनाव तक मामले को स्थगित कर दिया जाए. इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि अगर चुनाव आयोग यह अनुरोध करता है या कुछ अधिकारी तो हम इस पर विचार कर सकते हैं.

क्या है हिजाब विवाद

हिजाब का विवाद उडुपी के महाविद्यालय में सबसे पहले तब शुरू हुआ था जब छह लड़कियां पिछले साल दिसंबर में हिजाब पहनकर क्लास में आईं और उनके जवाब में महाविद्यालय में हिंदू विद्यार्थी भगवा गमछा पहनकर आने लगे. धीरे-धीरे यह विवाद राज्य के अन्य हिस्सों में भी फैल गया जिससे कई स्थानों पर शिक्षण संस्थानों में तनाव का महौल पैदा हो गया और हिंसा हुई.

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