किसका पलड़ा रहेगा भारी? जानें- बीते चुनावी नतीजों के आईने में A टू Z ब्यौरा
ABP News Bureau | 25 Oct 2017 01:43 PM (IST)
चुनाव आयोग ने गुजरात विधानसभा के चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है. सूबे में दो चरण में चुनाव होंगे. पहले चरण के लिए 09 दिसंबर को जबकि दूसरे चरण में 14 दिसबंर को वोट डाले जाएंगे. वोटों की गिनती 18 दिसबंर को होगी.

अहमदाबाद: चुनाव आयोग ने गुजरात विधानसभा के चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है. सूबे में दो चरण में चुनाव होंगे. पहले चरण के लिए 09 दिसंबर को जबकि दूसरे चरण में 14 दिसबंर को वोट डाले जाएंगे. वोटों की गिनती 18 दिसबंर को होगी. इस चुनाव में किसका पलड़ा रहेगा भारी और बीते चुनावों में क्या रहा सीटों का गणित. आइए जानते हैं कि गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर पूरा ब्यौरा. आपको बता दें कि गुजरात में विधानसभा की 182 सीटें हैं और 1995 से ही बीजेपी सत्तासीन है. कौन-कौन पार्टियां हैं मजबूत? गुजरात के अब तक के चुनावी नतीजों में दो ही पार्टियां अपनी मौजूदगी दर्ज करती रही हैं. बीजेपी और कांग्रेस, इसके अलावा किसी पार्टी का कोई बड़ा वजूद नहीं है. पिछले चुनाव में एनसीपी और जेडीयू ने भी अपनी मौजूदगी जरूर दर्ज कराई थी. हालांकि, इस बार दिल्ली में सत्तासीन अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी भी चुनावी मैदान में होगी. माना जाता है कि आप की मौजूदगी से चुनावी दंगल थोड़ा दिलचस्प हो जाएगा. 1995 से 2012 तक की विधानसभा चुनाव के नतीजे सूबे में दो ही पार्टियां मजूबत हैं, इस सच्चाई पर चुनाव नतीजे मुहर लगाते हैं. 2012 के विधानसभा चुनाव में 182 में बीजेपी ने 116 सीटें जीती थीं. कांग्रेस के खाते में 60 सीटें गईं थी. 1995 से लेकर 2012 तक बीजेपी की ये सबसे छोटी जीत थी. 1990 से ही बीजेपी का जलवा है गुजरात के अतीत के विधानसभा और लोकसभा के चुनाव नतीजे बताते हैं कि सूबे में बीजेपी की पैठ बहुत गहरी है. 1989 के लोकसभा चुनाव से लेकर अब तक कांग्रेस कभी भी सीटों के मामले में बीजेपी को पछाड़ नहीं पाई है और 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल सकी. इसी तरह 1990 से विधानसभा के चुनाव से बीजेपी लगातार मजबूत होती रही और कांग्रेस का दायरा सिमटता रहा है. 1995 से सूबे में बीजेपी की सरकार है. बीच में 1996-97 के बीच बीजेपी को शंकर सिंह वाघेला की बग़ावत के अलावा कभी कोई बड़ी चुनौती का भी सामना नहीं करना पड़ा. 1995, 1998, 2002, 2007, 2012 के लगातार पांच विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत जारी है. जिनमें तीन विधानसभा के चुनाव पीएम मोदी (तत्कालीन सीएम) के नेतृत्व में जीते गए. इन पांच विधानसभा चुनावों में बीजेपी की सीटें 116 से 127 के बीच रही हैं तो कांग्रेस की सीटें 45 से 60 के बीच रहीं. खास बात ये है कि 1990 से 2012 के बीच कांग्रेस ने सबसे बेहतर प्रदर्शन 2012 में किया और सबसे अधिक साठ सीटें जीतीं. 2012 विधानसभा के नतीजे बीजेपी- 116 कांग्रेस- 60 2007 विधानसभा के नतीजे बीजेपी- 117 कांग्रेस- 59 2002 विधानसभा के नतीजे बीजेपी- 127 कांग्रेस- 51 1998 विधानसभा के नतीजे बीजेपी- 117 कांग्रेस- 53 1995 विधानसभा के नतीजे बीजेपी- 121 कांग्रेस- 45