देश में लगातार परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का एक समूह कल राजधानी दिल्ली में जुटने जा रहा है. 15 जून को ओल्ड राजेंद्र नगर में प्रस्तावित इस छात्र सभा के जरिए परीक्षा व्यवस्था से जुड़े उन मुद्दों को सामने लाने की कोशिश की जाएगी, जिन्हें लेकर लंबे समय से छात्र समुदाय अपनी चिंता जताता रहा है.

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आयोजकों के मुताबिक यह शांतिपूर्ण जुटान शाम 4 बजे मदर डेयरी, ओल्ड राजेंद्र नगर के पास आयोजित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में NEET, CBSE, SSC, UPSC, UPSI, CUET समेत विभिन्न प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े छात्र और अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं. दावा किया जा रहा है कि यह किसी एक परीक्षा या किसी एक भर्ती प्रक्रिया तक सीमित कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि अलग-अलग परीक्षाओं से जुड़े उम्मीदवार साझा मंच पर अपनी बात रखेंगे.

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आयोजकों ने प्रदर्शन को लेकर क्या कहा?

आयोजकों का कहना है कि हाल ही के वर्षों में परीक्षा प्रणाली को लेकर छात्रों के बीच कई तरह की चिंताएं सामने आई हैं. कई बार पेपर लीक की घटनाएं चर्चा में रहीं, कई जगह उम्मीदवारों ने मूल्यांकन और परिणाम प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए, जबकि भर्ती परीक्षाओं में देरी और प्रक्रिया की अनिश्चितता को लेकर भी लगातार आवाज उठती रही है. ऐसे में इस सभा का उद्देश्य इन मुद्दों को एक जगह लाकर उन पर चर्चा करना और सुधार की मांग को संगठित तरीके से सामने रखना बताया जा रहा है.

कई तरह के मुद्दों को प्रदर्श में उठाया जाएगा

बताया गया है कि कार्यक्रम के दौरान पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के अलावा मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता, भर्ती प्रक्रिया में जवाबदेही, परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों को आने वाली दिक्कतें, रिजल्ट और भर्ती में देरी, इन सबका छात्रों के करियर और मानसिक दबाव पर पड़ने वाले असर जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे. छात्रों का कहना है कि कई उम्मीदवार वर्षों तक तैयारी करते हैं और ऐसे में किसी भी तरह की प्रक्रिया संबंधी गड़बड़ी उनके भविष्य को सीधे प्रभावित करती है.

शांतिपूर्ण तरीके से समर्थन करने की अपील

इस पहल से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका मकसद केवल विरोध दर्ज कराना नहीं बल्कि परीक्षा व्यवस्था में व्यावहारिक और दीर्घकालिक सुधार की मांग करना है. उनका कहना है कि देश के लाखों छात्र और अभ्यर्थी ऐसी प्रणाली चाहते हैं जो समयबद्ध हो, जहां प्रक्रिया स्पष्ट हो, मूल्यांकन पारदर्शी हो और उम्मीदवारों को अपनी बात रखने का भरोसेमंद तंत्र मिले. आयोजकों ने छात्रों से इस पहल का शांतिपूर्ण तरीके से समर्थन करने की अपील की है. उनका कहना है कि यह मुद्दा केवल परीक्षा देने वाले छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के अवसर, रोजगार और भविष्य से भी जुड़ा हुआ है. ऐसे में परीक्षा और भर्ती प्रणाली में भरोसा मजबूत करने के लिए संवाद, जवाबदेही और सुधार को लेकर गंभीर चर्चा की जरूरत है.

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