Cyclone Michaung Impact: चक्रवात मिचौंग ने दक्षिण भारतीय राज्यों में तबाही मचा रखी है. विशेषकर तमिलनाडु के चेन्नई में यहां चक्रवात के कारण हुई बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए. तमिलनाडु में चक्रवात मिचौंग की वजह से अब तक लगभग 8 लोगों की मौत हो गई. इस बीच उत्तर भारतीयों के लिए अच्छी खबर आई है. मौसम विभाग ने कहा कि उत्तर भारत में मिचौंग का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.


आईएमडी महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, "इसका (चक्रवात मिचौंग) उत्तर भारत पर कोई असर नहीं होगा. इसका प्रभाव आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और ओडिशा तक ही रहेगा. हालांकि, पूर्वोत्तर राज्यों, झारखंड और बिहार पर इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता हैं और यहां हल्की बारिश होने की उम्मीद है." 


चेन्नई में कई इलाकों में जलभराव
बता दें कि चक्रवात मिचौंग की वजह से चेन्नई के कई इलाकों में जलभराव हो गया है. जिसके चलते लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. वहीं, राज्य की नदियां भी उफान पर हैं. तमिलनाडु की कूवम नदी में बारिश की वजह से पानी की धारा काफी तेज हो गई है. 


अलर्ट पर आंध्र प्रदेश
वहीं, आंध्र प्रदेश में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है. चक्रवात के मद्देनजर आंध्र प्रदेश सरकार ने 9 जिलों में रेड अलर्ट जारी कर दिया है. इनमें बापटला, प्रकाशम, पलनाडु, गुंटूर, कृष्णा, एनटीआर, पीए, एलुरु और कोनसीमा शामिल हैं. इसके अलावा 5 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट और 8 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है.


इतना ही नहीं राज्य सरकार ने आंध्र प्रदेश राज्य  राहत और बचाव के लिए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के अधिकारियों को भी तैनात कर दिया है. एपीएसडीएमए ने सात जिलों से 9 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया दिया है.


तेलंगाना में प्रशासन सतर्क
इसके अलावा चक्रवाती तूफान मिचौंग को लेकर तेलंगाना प्रशासन भी अलर्ट है. जिन जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है, वहां के जिलाधकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है. मौसम विभाग का कहना है कि तेलंगाना के मुलुगु, भद्राद्री-कोठागुडम और खम्मम जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. 


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