नई दिल्ली: रेलवे के तत्काल टिकटों की धांधली के खिलाफ सीबीआई ने बड़ा एक्शन लिया है. धांधली के आरोप में अपने ही प्रोग्रामर अजय गर्ग को गिरफ्तार किया है. सीबीआई ने अवैध तरीके से चलने वाले तत्काल रैकेट के खिलाफ देश में 14 जगहों पर छापेमारी भी की है.
इनमें दिल्ली, मुंबई और उत्तर प्रदेश के कई शहर शामिल हैं. अब तक की छापेमारी में 89 लाख रुपये नकद, दो सोने के बिस्कुट, 61 लाख रुपये की ज्वैलरी, 15 लैपटॉप, 15 हार्ड डिस्क, 52 मोबाइल फोन, 24 सिम, 6 वाईफाई राउटर, चार इंटरनेट डोंगल और 19 पेन ड्राइव समेत बहुत सारा सामान बरामद हुआ है.
सीबीआई ने अपने जिन प्रोग्रामर को गिरफ्तार किया है वो एक अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए तत्काल टिकट बुकिंग में धांधली करता था. अजय गर्ग के देशभर के कई टिकट दलालों से संपर्क थे. टिकट बुक करने के बदले अजय गर्ग इन दलालों से पैसे भी लेता था. अजय गर्ग का बनाया हुआ सॉफ्टवेयर ये भी पता लेता था कि कितनी टिकट बुक हुई हैं. उसी हिसाब से वो टिकटों की बुकिंग में हेरा फेरी करता था.
अजय गर्ग ने साल 2012 में सीबीआई ज्वाइन की थी. सीबीआई में आने से पहले वो आईआरसीटीसी में काम करता था, इसीलिए उसे सिस्टम की कमियां पता थीं. फिलहाल सीबीआई ने अजय गर्ग को दिल्ली की कोर्ट में पेश किया जहां उसे पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है.
